दौसा

पत्तों पर ओस की बूंदें बर्फ के रूप में जमी

Dew drops on leaves frozen as snow: कोहरे में राहत, ठिठुरन बढ़ी, 3 डिग्री पर टिका रहा पारा
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Dec 31, 2019
पत्तों पर ओस की बूंदें बर्फ के रूप में जमी
पत्तों पर ओस की बूंदें बर्फ के रूप में जमी

दौसा. जिले में सोमवार सुबह कोहरे में थोड़ी राहत रही, लेकिन गलन व ठिठुरन ने लोगों को जकड़कर रख दिया। पारा 3 डिग्री पर ही टिका रहा। इससे लोगों का जन-जीवन ही प्रभावित रहा। पेड़ व पौधों के पत्तों पर ओस की बूंदे बर्फ के रूप में जम गई। बड़े पेड़ों के नीचे ओस बरसने से मिट्टी गिली हो रही थी।

Dew drops on leaves frozen as snow


जिलेभर में पिछले कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने लोगों को ठिठुरा कर रख दिया। हालांकि कोहरे में लोगों को थोड़ी राहत रही। लेकिन सर्दी में चल रही शीतलहर ने लोगों की रूंह कंपा दी। कड़ाके की सर्दी से रबी की सरसों,चने, टमाटर की फसलों में काफी नुकसान हो गया है। कड़ाके की सर्दी से बचाव के लिए लोग सुबह से करीब 10 बजे तक अलाव जला कर तापते नजर आए। इन दिनों पड़ रही कड़ाके की सर्दी के कारण ग्रामीण इलाकों से शहरों में सुबह-शाम आने-आने वाले मजदूर वर्ग के लोगों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्दी के कारण लोग समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।

Dew drops on leaves frozen as snow

शीतलहर ने कंपकंपाया


कुण्डल. धुंध के आगोश और शीतलहर की चुभन से पूरे क्षेत्र में लोग कंप कंपा गए हैं। सोमवार दोपहर 12 बजे तक सूर्यदेव ने दर्शन तक नहीं दिए। लोग अलाव के पास बैठे नजर आए। क्षेत्र में तापमान गिरने से पेड़-पौधों पर गिरने वाली ओस की बूंदे जम गई। हाड़ कंपा देने वाली इस सर्दी ने लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव करने के लिए मजबूर कर दिया।


वहीं पाला पडऩे से किसान वर्ग चिन्तित नजर आया। किसानों ने बताया कि सरसों की फसल में नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। किसान अपनी जान जोखिम में डालकर फसलों के बचाव के लिए रातभर खेतों में सिंचाई करने से लेकर धुआं करने में लगे हैं।

Dew drops on leaves frozen as snow

Published on:
31 Dec 2019 08:53 am