कार, बाइक, पुलिस की वर्दी सहित अन्य सामान बरामद, तीन जनों से की ठगी, पुलिस तीन दिन से कर रही थी ट्रैकिंग, करौली जिले में खुद को बताता था सब इंस्पेक्टर
मानपुर (दौसा). फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर नौकरी दिलाने व मुकदमा रफा-दफा करने का झांसा देकर 5.64 लाख रुपए ऐंठने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर फर्जी सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर एक कार, एक बाइक, तीन पुलिस वर्दी, दो पुलिस बेल्ट एक वॉकी टॉकी फोन, तीन मोबाइल, एक नेम प्लेट बरामद की है। पुलिस तीन दिन से आरोपी को ट्रैकिंग कर रही थी।
थाना प्रभारी मांगीलाल मीना ने बताया कि फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर अपने आप को करौली जिले में सब इंस्पेक्टर बताकर बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठने का काम करता है। पीडि़त मदन बैरवा ने मानपुर थाने में हरिशंकर जांगिड़ निवासी सत्कार कॉलोनी दौसा के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 8 जून को वह नादौती जाते समय पीडि़त की बुआ कमली देवी के संपर्क में आया था और नौकरी दिलाने की बात करने लगा था। आरोपी परिवार से घुल मिल गया। आरोपी ने पीडि़त मदन बैरवा निवासी जगसहायपुरा से पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी दिलाने व मुकदमा रफा-दफा कराने के लिए 3.24 लाख रुपए ऐंठे हैं। आरोपी ने बुआ के लड़के पिंटू बैरवा बालखेड़ा से एक लाख दस हजार व उसके परिचित लोकेश निवासी अचलपुरा से एक लाख तीस हजार रुपए नौकरी का झांसा देकर ठगी की है।
आरोपी के दूसरे नाम पर हुआ शक, ग्रामीणों ने पकड़ा
आरोपी ने 11 जून को पीडि़त का जयपुर से पुलिस वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कराया। पुलिस वेरीफिकेशन के दौरान आरोपी ने बताया कि मदन के खिलाफ मानपुर थाने में दो मामले दर्ज हैं। दोनों मामलों को रफा-दफा करने के लिए मजिस्ट्रेट को दो लाख व पुलिस अधीक्षक को तीन लाख देने पड़ेंगे।
आरोपी ने पीडि़त को यह बात किसी को बताने के लिए मना कर दिया। आरोपी के हाथ पर हरिशंकर जांगिड़ लिखा होने को लेकर पीडि़त को शक हुआ। इस पर परिजनों ने आरोपी की कार के नंबर के आधार पर गाड़ी मालिक की तलाश की। इस पर कार हरिशंकर जांगिड़ के नाम होनी बताई। बुधवार सुबह आरोपी जैसे ही पहुंचा तो ग्रामीणों ने आरोपी को दबोच लिया और पुलिस को सूचना दी। इस पर थानाधिकारी मांंगीलाल मीना मय जाप्ते के मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।