
ईसरदा बांध। फोटो: पत्रिका
जयपुर। दौसा और सवाईमाधोपुर जिले के लोगों के लिए जीवनदायिनी ईसरदा बांध में इस बार 256 आरएल मीटर तक पानी भरने की तैयारी की जा रही है। बांध परियोजना प्रबंधन ने इसके लिए राजस्थान सरकार से परमिशन मांगी है। यदि सरकार से हरी झंडी मिलती है, तो यह पहला मौका होगा जब ईसरदा बांध में इस रिकॉर्ड स्तर तक जलभराव किया जा सकेगा। बांध के भरने से सवाई माधोपुर और दौसा जिले के 1256 गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू की जाएगी। जिससे लाखों लोगों को पेयजल मिलने के साथ-साथ टोंक जिले में भूजल स्तर भी बढ़ेगा।
बता दे कि पिछले साल ईसरदा बांध परियोजना के तहत गेट चैकिंग के लिए पानी रोका गया था। उस समय प्रारंभिक चरण में करीब 3.24 टीएमसी जल संग्रहण की योजना के अनुरूप जल रोकने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन, इस साल बांध में 256 आरएल मीटर तक पानी रोकने का प्रस्ताव राजस्थान सरकार को भेजा गया है। अगर मंजूरी मिली तो प्रदेश के दो जिलों में पेयजल की किल्लत काफी हद तक दूर होने की संभावना है।
ईसरदा बांध परियोजना अधिकारियों की मानें तो सरकार से मंजूरी मिलने के बाद बांध में पहली बार 256 आरएल मीटर स्तर तक पानी भरा जाएगा। परियोजना के दूसरे चरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है तथा प्रभावित क्षेत्र में मुआवजा वितरण और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
परियोजना के तहत प्रारंभिक स्वीकृति 4058.12 करोड़ रुपए की जारी हुई थी, जिसे संशोधन के बाद 30 मई 2023 को 3588.76 करोड़ रुपए कर दिया गया था। सरकार भी चाहती है कि इस साल गर्मियों में बांध से लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए बांध का निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया गया। ईसरदा बांध से दौसा जिले के 1079 गांव और 5 कस्बों तथा सवाईमाधोपुर जिले के 177 गांव और एक कस्बे सहित कुल 1256 गांव व 6 कस्बों के 35.13 लाख लोगों को पेयजल सुविधा मिलेगी। इसके लिए 3 लाख 6 हजार 198 नल कनेक्शन प्रस्तावित हैं।
ईसरदा बांध के पानी से जयपुर के ऐतिहासिक रामगढ़ बांध तक लाने की भी योजना है। 1888 करोड़ रुपए महत्वाकांक्षी योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। प्रोजेक्ट के तहत ईसरदा का पानी रामगढ़ तक लाने के लिए कहीं पाइपलाइन बिछाई जाएगी तो कहीं नहर बनाई जाएगी। यदि सब कुछ सही रहा तो जून 2028 तक रामगढ़ बांध लबालब हो जाएगा। ईसरदा-रामगढ़ जल परियोजना के तहत 2600 एमएम व्यास की पाइपलाइन, 17 क्यूमेक क्षमता की नहर और पंपिंग स्टेशनों का खाका तैयार किया गया है। पूरे प्रोजेक्ट में 70 किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछेगी और 38 किलोमीटर तक नहर बनेगी। ईसरदा से पानी निवाई, चाकसू व कानोता होते हुए रामगढ़ तक पहुंचेगा। इसके लिए निवाई, चाकसू और कानोता में पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
Published on:
19 Jun 2026 09:53 am
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