दौसा

सत्संग में झूमे श्रद्धालु, सजाई झांकी

श्रीराम जय राम जय जय राम का संकीर्तन किया
2 min read
Jul 23, 2018
False devotees in satsang, decorated tableau
सत्संग में झूमे श्रद्धालु, सजाई झांकी

दौसा.

श्रीबलराम सत्संग मंडल की ओर से रविवार को सुन्दरदास मार्ग स्थित मुरलीधर नाटाणी के निवास पर सत्संग हुआ। इसमें मण्डल सदस्यों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य भी किया। श्रीराम जय राम जय जय राम का संकीर्तन भी किया गया। संत घनश्यामदास ने कहा कि सत्संग से हमें सेवा, त्याग, प्रेम व ईश् वर से श्रद्धा का भावना का लाभ मिलता है। मनुष्य को प्रतिदिन राम नाम की माला अवश्य जपनी चाहिए।

गुरु पूर्णिमा महोत्सव
बलराम सत्संग मंडल की ओसे 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। श्रीसंत संन्दरदास स्मारक में सुबह आठ से ग्यारह बजे तक श्रीराम जयराम जय जय राम संकीर्तल तथा उसके बाद महाप्रसादी का आयोजन होगा।
इसी प्रकार शहर की खारी कोठी स्थित सद्गुरु भवन में 26 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। सर्वेश्वर प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस दिन पं. रामेश् वर प्रसाद पंचोली का गुरु पूजा उत्सव मनाया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 23 जुलाई से रामचरित मानस अखण्ड पाठ, 24 को भगवान सालिगराम पर 1008 शंखों से अभिषेक, हवन यज्ञ, 25 जुलाई को ग्यारह पण्डितों द्वारा भगवान शिव का दुग्धाभिषेक व रात्रि को जागरण होगा। कार्यक्रम के अंतिम दिन 26 जुलाई को सत्यनारायण व्रत कथा, गुरुचरण पूजा व भण्डारे का आयोजन होग।

लालसोट ञ्च पत्रिका. संत निरंकारी मण्डल के तत्वावधान में रविवार को सत्संग में गोपाललाल बोहरा ने कहा जीवन में सत्य को ही अपनाना चाहिए।

दौसा से लखदातार की पदयात्रा 17 को
दौसा. देवनगरी दौसा से लखदातार खाटूश्यामजी की सिल्वर जुबली पदयात्रा 17 अगस्त को सुबह नई मण्डी रोड स्थित श्रीश्याम मंदिर चरणधाम से रवाना होगी। श्रीश्याम अर्चना सेवा समिति के तत्वावधान में जाने वाली पदयात्रा में श्रीश्याम की झांकी आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। राजेश ठाकुरिया ने बताया कि पदयात्री विभिन्न शहरों व कस्बों से होते 22 अगस्त को खाटूश्यामजी पहुंचेंगे। जहां ध्वजा निशान अर्पित किए जाएंगे।
सावन उत्सव पांच को: शहर के नई मण्डी रोड स्थित श्याम सत्संग भवन में पांच अगस्त को सुबह दस शाम पांच बजे तक सावन उत्सव का आयोजन होगा।
इसमें ड्रेस कोड राजस्थानी वेशभूषा, बेस्ट बींदणी, राजस्थानी डांस, लोकगीत गायन प्रतियोगिता, बेस्ट स्टॉल सहित अन्य प्रतियोगिताएं मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। मेले का उद्देश्य स्वावलम्बन से सक्षमता की ओर से हुनर का प्रदर्शन करना है।

Published on:
23 Jul 2018 11:10 am