
सिकंदरा. श्रीदेवनारायण मंदिर निहालपुरा-अचलपुरा में दो दिवसीय वार्षिक मेले का समापन रविवार को हुआ है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। खानपुर, छोकरवाड़ा, भण्डारी, गोलिया, रामगढ़, जांगिरियां, कालवान, टोरड़ा, सिकंदरा सहित दर्जनों गावों से पहुंची पदयात्राओं में श्रद्धालु भजनों की धुनों पर नाचते गाते मंदिर पहुंचे। मंदिर पर पदयात्राओं को स्वागत किया। लोगों ने देवनारायण भगवान के भोग लगाया। श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। समारोह में पूर्व संसदीय सचिव ममता भूपेश, जिला प्रमुख गीता खटाणा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओड, पूर्व सरपंच मलखानसिंह बासड़ा, मंदिर समिति अध्यक्ष लक्ष्मण फौजी, कांग्रेस ब्रिगेड़ के प्रदेश प्रभारी बबलू कसाना ने प्रतिभाओं का सम्मान किया। प्रशासनिक सेवा में चयनित बासड़ा निवासी नरेश दडग़स का सम्मान किया।
समारोह में ममता भूपेश ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से भाईचारा व सामाजिक सौहार्द बढ़ता है। जिला प्रमुख ने कहा कि आने वाले चुनाव में सचिन पायलट के हाथ मजबूत करने हंै। गायक कलाकार लाली गुर्जर एण्ड पार्टी की प्रस्तुति पर लोग झूम उठे। कांग्रेस पर्यावरण प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव सुल्तान बैरवा, कप्तान डोई, प्रहलाद झींझण, लक्ष्मणसिंह छावड़ी, किशन पोषवाल, रामजीलाल ढोला, सीताराम छोकरवाड़ा, राधाकिशन बागी, महादेव टोरड़ा, रामसहाय, शिवसहाय, सरपंच अंगद मीना, रेणू देवी बैरवा, सुमेर बुर्जा, नरेन्द्र छोकरवाड़ा, सुमेर दिवाकर, हरिसिंह खानपुर, सूरजमल छावड़ी, डॉ कल्याण सहाय बैरवा, रामअवतार मावई, दिनेश पाराशर, बशीर खान आदि मौजूद थे।
सुनाई धार्मिक एवं पौराणिक कथाएं
आभानेरी. कस्बे के देवनारायण एवं भौंणाजी महाराज का रविवार को मेला भरा। इसमें 40 गांवों से पदयात्री झण्डा लेकर पहुंचे। जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया। मेले में रायपुरा-पांचोली एवं सोड़ाला की पद दंगल पार्टियों ने भगवान देवनारायण की धार्मिक एवं पौराणिक कथाए सुनाई।
जिला प्रमुख गीता खटाना ने कहा कि ऐसे आयोजनों से आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है, वहीं भगवान के प्रति श्रद्धा बढ़ती है। उन्होंने बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिए जाने पर बल दिया। किसान नेता मोतीलाल माल ने समाज के विकास एवं उत्थान पर बल दिया। सरपंच विमला देवी गुर्जर, आईटी सैल जिला संयोजक नरेन्द्र बैंसला, इन्द्रजीतसिंह प्रभाकर, रामसिंह महाणा, शारदा चेची, राकेश डोई, रामधन छावड़ी एवं मुकेश माल भी मौजूद थे।