सर्दी की शुरूआत के साथ ही ब्लैक बेरी, देशी काजू के नाम से मशहूर काली मूंगफली की मांग भी अब बढ़ने लगी हैं। स्वाद और सेहत से भरपूर बांदीकुई की Black Peanuts सौगात के रूप में लोग अपने मित्रों, परिचितों व रिश्तेदारों को भेजने लगे हैं।
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/बांदीकुई. सर्दी की शुरूआत के साथ ही ब्लैक बेरी, देशी काजू के नाम से मशहूर काली मूंगफली की मांग भी अब बढ़ने लगी हैं। स्वाद और सेहत से भरपूर बांदीकुई की Black Peanuts सौगात के रूप में लोग अपने मित्रों, परिचितों व रिश्तेदारों को भेजने लगे हैं। काली मूंगफली का व्यवसाय अक्टूबर माह से फरवरी माह तक चलता हैं। सर्दी के धीरे धीरे बढ़ने के साथ ही काली मूंगफली की डिमांड भी बढ़ने लगी हैं। मूंगफली का कारोबार दिन प्रतिदिन फलता फूलता जा रहा हैं।
बनाने का फार्मूला बेहद अहम:
बिना किसी कैमिकल के विशेष फार्मूले से रोस्टेड मूंगफली तैयार की जाती हैं। इसे बनाने की विधि ज्यादा खास नहीं हैं, लेकिन फार्मूला बेहद अहम हैं। व्यापारी कमालुद्दीन खान ने बताया कि काली मूंगफली का कच्चा माल जयपुर के चांदपोल से ट्रान्सपोर्ट व निजी वाहनों से मंगवाया जाता हैं। अच्छी क्वालिटी कच्ची गिरी 95 से 100 रुपए किलो में आता हैं। सिकाई के बाद यह रिटेल कांउटरों पर 140 से 150 व थोक में 125 से 130 रुपए किलो में दिया जाता हैं।
उन्होंने बताया की उनके पिता कल्लू कैप्टन भी मूंगफली का कारोबार ही करते थे। अब वे स्वयं भी इस व्यवसाय को कर रहे हैं। शाम को मूंगफली को पानी में भिगोकर रखा जाता है और सुबह सैंधे नमक, सादा नमक सहित मीठा सोडा़ मिलाकर धूप में सुखा दिया जाता हैं। इसके बाद कच्ची गिरी को तेज आंच में नमक के साथ सिकाई की जाती हैं। एक बार में 25 किलो मूंगफली तैयार हो जाती हैं।
सेहत और पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद:
आयुर्वेद चिकित्सक सीताराम शर्मा ने बताया कि सर्दी के मौसम में हर जुबां पर सूखा मेवा काली मूंगफली का जायका लोगों को बेहद पसंद हैं। काली मूंगफली खाने में स्वादिष्ट लगती हैं और स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं। मूंगफली की सिकाई में सैंधा नमक, मीठा सोडा़ का उपयोग होने से खाना खाने के बाद इसका सेवन पाचन क्रिया में सुधार लाता हैं।
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काली मूंगफली स्वाद व सेहत से भरपूर:
नमकीन स्वाद से भरपूर काली मूंगफली स्वाद व सेहत से भरपूर होने के कारण बांदीकुई को देश व प्रदेश में विशेष पहचान दिलाई हैं। गरीब से लेकर अमीर लोग इसे बडे़ ही चाव से खाते हैं। इस व्यवसाय से शहर में करीब दो दर्जन से अधिक परिवार के लोग जुडे़ हैं। यह मूंगफली जयपुर, धौलपुर, सीकर, भरतपुर, अलवर, टोंक, अजमेर, दिल्ली, रेवाडी़, हरियाणा, गुजरात, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, मुबंई सहित देश के कोने कोने में सप्लाई हो रही हैं।