
अरनिया-गुढ़लिया. श्रीरामदास निरंजनी परोपकार फाउण्डेशन फागी जयपुर के तत्वावधान में 9 कुण्डीय रूद्र यज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ की शुरुआत शनिवार को नयागांव स्थित हनुमान मंदिर के समीप हुई। सुबह ठाकुरजी के मंदिर बाणे का बरखेड़ा में पं.विकास दाधिच ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वज व कलश पूजन कराकर यात्रा को रवाना किया।
इसमें महिलाएं सिर पर मंगल कलश रखकर एवं पुरुष श्रद्धालु हाथों में ध्वज लेकर जयघोष लगाते हुए चल रहे थे। भजनों पर महिलाएं नाचते हुए चल रही थी। भक्ति संगीत की धुनों से समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा लोहसरी चौराहा होते हुए गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। कलश यात्रा का कई जगहों पर मीठा पानी पिलाकर व पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। भागवताचार्य सुभ्रदा कुमारी ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से पापों का नाश होता है और सत्य का ज्ञान होता है। उन्होंने बताया कि सुबह 11 से दोपहर 1 एवं दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक नियमित प्रवचन होंगे। यज्ञकर्ता गणेशराम निंरजनी के सानिध्य में सुबह 9 से 11 एवं शाम को 3 से 5 बजे तक यज्ञ होगा। फाउण्डेशन निदेशक अरविंदसिंह गुर्जर ने बताया कि 21 फरवरी को पुर्णाहुति एवं भण्डारे के साथ यज्ञ का समापन होगा।
पद दंगल का समापन
मण्डावर . मान्यापुरा गांव में दो दिवसीय पद दंगल व सत्संग का शनिवार को समापन हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान राजेन्द्र मीना ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर बड़ों का मान-सम्मान करना चाहिए। उन्होंने महुवा क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर भी चिंता जताई। ग्रामीणों की मांग पर मुख्य तिराहे पर एक एकलबिंदु मय टंकी निर्माण के लिए 3 लाख रुपए राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना के कोटे से दिलाने की घोषणा की। दंगल में डॉ. महेश मीना सालिमपुर, विशनलाल मीना डोरोली, महेश सैनी भूडा, तथा कन्हैया दंगल में चांदपुर, आमादा, सांथा की पार्टियों ने रचनाएं प्रस्तुत की। इस दौरान शंकर हुड़ला, सरपंच घनश्याम अवस्थी, गिर्राज मीना आदि अतिथि भी मौजूद रहे।
बांदीकुई . ढिगारियाकपूर गांव में चल रही श्रीमद भागवत कथा में शनिवार को साध्वी प्रिया किशोरी ने कहा कि धर्म करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इससे घर में शांति एवं समृद्धि का विस्तार होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सुबह-शाम प्रभू का स्मरण करना चाहिए। इससे मानव का कल्याण संभव है। कथा का समापन 21 फरवरी को पुर्णाहूुति एवं भण्डारे के साथ होगा। शाम को महाआरती हुई। रामेश्वरप्रसाद मीणा, रामजीवन मीणा, कैलाश मीणा एवं गोविंदराम भी मौजूद थे।