दौसा

बांदीकुई बंद सफल रहा, ग्रामीण क्षेत्र में भी असर

व्यापारियों ने स्वैच्छिक रूप से किया बंद का समर्थन, लोगों को रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए होना पड़ा परेशान

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Apr 10, 2018

बांदीकुई. गत 2 अप्रेल को भारत बंद के दौरान समाजकंटकों द्वारा किए गए उपद्रव के विरोध में एवं एसटी/एससी एक्ट में किए गए बदलाव के समर्थन में मंगलवार को बांदीकुई शांतिपूणर्् तरीके पूरी तरह बंद सफल रहा। इसके चलते दिनभर बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। दवाई, सब्जी, फल, दूध एवं चाय की थडिय़ां तक बंदं रही। इससेे लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि ऐहतियात के तौर पर शहर के प्रमुख मार्गो पर पुलिस सुरक्षा केे कड़ें बंदोबस्त थे।

पुलिसकर्मी वाहनों में सवार होकर फ्लैग मार्च करतेे भी दिखाई दिए। जानकारी के अनुसार मााधोगंज मण्डी व्यापार एसोसिएशन, रेडिमेड व्यापार एसोसिएशन, खुदरा व्यापार संघ, सब्जी मण्डी व्यापार संघ, कृषि उपज मण्डी व्यापार संघ, मोबाइल एसोसिएशन एवं दवा विक्रेता संघ के भारत बंद के समर्थन में बांदीकुई बंद का आहवान किया गया। इसके चलते सुबह से शाम तक दूकानें बंद रही। व्यापारी भी बाजार में दूकानों के आगे फुटपाथ पर बैठकर गपशप लड़ाते दिखाई दिए। तो कुछ व्यापारी सुबह ही बाजार बंद के चलते घूमने के लिए जाते दिखाई दिए।

इससे रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। भारत बंद का ग्रामीण क्षेत्र में भी असर दिखाई दिया। क्षेत्र के बिवाई, लोटवाड़ा, बडियाल कलां एवं छोटे कस्बों में भी व्याापारियों ने भारत बंद का समर्थन किया।

पुलिस वृत्ताधिकारी नवाब खां ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया। इस दौरान बांदीकुई थाना प्रभारी निरंजनपालसिंह, कोलवा थाना प्रभारी शिवरामसिंह, बिवाई चौकी प्रभारी राजेन्द्र शर्मा, पुलिस सब इंस्पेक्टर अशोक झांझडिय़ा, रमाशंकर शर्मा, लल्लूराम मीणाा मय जाब्ते के तैनात दिखाई दिए।

खास बात यह है कि व्यापाारियों ने स्वैच्छिक बाजार बंद रखा है। इसके लिए कोई भी संगठन बाजार बंद कराने के लिए आगे नहीं आया और ना ही किसी का कोई नेतृत्व नजर आया। इसको लेकर भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि पहली बार बाजार शांतिपूर्ण बंद सफल रहा है।

Published on:
10 Apr 2018 08:43 pm
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