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Rajasthan Politics : ‘किरोड़ी लाल मीणा का मर्डर भी करवा सकती है नकली खाद-बीज लॉबी’, भाई जगमोहन मीणा का बड़ा बयान  

दौसा में भाई जगमोहन मीणा का बेहद चौंकाने वाला बयान। कहा- कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की हत्या करवा सकती है नकली खाद-बीज लॉबी। किरोड़ी लाल बोले- 'किसानों के लिए प्राण देने को तैयार हूं'।

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दौसा

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Nakul Devarshi

Jun 11, 2026

Jagmohan Meena Big Statement On Kirodi Lal Meena Murder Threat Seed Mafia

Kirodi Lal Meena and Jagmohan Meena - File PIC

राजस्थान की सियासत में इन दिनों भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों को लेकर वार-पलटवार का दौर बेहद तेज हो चुका है। राजस्थान राज्य बीज निगम के पूर्व अशासकीय निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई के बाद जहां विपक्षी दल कांग्रेस लगातार कृषि मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है, वहीं अब इस पूरे मामले में एक बेहद ही चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। दरअसल, कैबिनेट कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के सगे भाई और भाजपा नेता जगमोहन मीणा ने दौसा जिले में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। जगमोहन मीणा ने खुले तौर पर दावा किया है कि राजस्थान का नकली खाद और बीज माफिया इस समय डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की जान के पीछे हाथ धोकर पड़ चुका है और वे किसी भी वक्त उनकी हत्या की साजिश तक को अंजाम दे सकते हैं।

'व्यावसायिक हितों पर चोट से बौखलाया है माफिया'

दौसा में मीडिया के सामने अपने भाई की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा नेता जगमोहन मीणा ने इस कथित घूसकांड के पीछे छिपी असली वजहों पर से परदा उठाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस समय विभाग द्वारा जो सख्त प्रशासनिक फैसले लिए जा रहे हैं, उससे अरबों रुपयों का काला साम्राज्य चलाने वाले बिचौलियों को भारी नुकसान हो रहा है।

जगमोहन मीणा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "राजस्थान के भीतर नकली खाद और घटिया बीज बेचने वाली लॉबी इतनी ज्यादा खतरनाक, प्रभावशाली और रसूखदार है कि आम लोग इसकी ताकत का अंदाजा भी नहीं लगा सकते। जब से डॉ. साहब (किरोड़ी लाल मीणा) ने कृषि विभाग की कमान संभाली है, तब से इन लोगों की अवैध गतिविधियों और नकली खाद-बीज के कारखानों पर कड़े एक्शन लिए गए हैं। इससे इस लॉबी के अरबों रुपयों के व्यावसायिक हितों को बहुत भारी चोट पहुँची है। इसी बौखलाहट के कारण ये सब लोग अब परदे के पीछे एकजुट हो चुके हैं और मिलकर किरोड़ी लाल मीणा को हमेशा के लिए रास्ते से हटाना यानी मारना चाहते हैं। अगर इनके व्यावसायिक हितों पर ऐसा ही कुठाराघात जारी रहा, तो ये किसी भी हद तक जाकर उनका मर्डर भी करवा सकते हैं।"

'किरोड़ी लाल को घेरने का चल रहा बड़ा खेल'

जगमोहन मीणा का मानना है कि यह पूरी घेरेबंदी और इस्तीफे की मांग असल में उसी शक्तिशाली खाद-बीज माफिया लॉबी का एक सुनियोजित राजनैतिक दबाव है, ताकि किरोड़ी लाल मीणा डर जाएं या अपने पद से हट जाएं, जिससे विभाग में दोबारा नकली और मिलावटी खाद-बीज का काला कारोबार बिना किसी डर के धड़ल्ले से चलाया जा सके। इसी बड़े राजनैतिक और प्रशासनिक षड्यंत्र को भांपकर ही भाई जगमोहन मीणा का यह बड़ा बयान और सुरक्षा को लेकर दर्द सार्वजनिक रूप से सामने आया है।

दरअसल, इस पूरे मामले की कड़ियां पिछले कुछ दिनों से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की गई ताबड़तोड़ छापेमारी से जुड़ी हुई हैं। एसीबी ने राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक स्तर के पदाधिकारियों के खिलाफ घूसकांड का बड़ा मामला दर्ज कर गिरफ्तारियां की थीं। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अचानक से सोशल मीडिया और राजनैतिक गलियारों में सीधे तौर पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की घेरेबंदी शुरू कर दी गई।

भाई के खुलासे के बीच गरजे मंत्री किरोड़ी लाल

अपने भाई जगमोहन मीणा द्वारा जताए गए इस बड़े खतरे और मर्डर की आशंका के बीच खुद कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने हमेशा की तरह अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में डंके की चोट पर बहुत बड़ा बयान जारी किया है। किरोड़ी लाल मीणा ने साफ शब्दों में कहा कि वे इस माटी के किसानों के रक्षक हैं और किसी भी तरह की धमकी या राजनैतिक चक्रव्यूह से डरकर मैदान छोड़ने वाले नेता नहीं हैं।

एक जनसभा के दौरान विरोधियों और माफियाओं को ललकारते हुए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, "अगर किसानों के हक और न्याय के लिए मुझे अपने इन प्राणों का बलिदान भी देना पड़े, तो भी डॉ. किरोड़ी लाल मीणा अपने कदमों को एक इंच भी पीछे नहीं हटाएगा। कोई बाहर का माफिया या दलाल हमारे किसानों को लूटे, उन्हें मोटी रकम लेकर घटिया व नकली खाद-बीज थमाकर उनकी पूरी फसल बर्बाद कर दे, यह मैं अपने जीते-जी इस धरती पर कभी संभव नहीं होने दूँगा।"

'मेरा तिलभर दोष निकला तो जाऊंगा जेल'

विपक्ष विशेष रूप से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा लगातार की जा रही इस्तीफे की मांग पर बेहद तल्ख लहजे में तंज कसते हुए कृषि मंत्री ने इतिहास और धार्मिक ग्रंथों का उदाहरण जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उनके राजनैतिक जीवन को कलंकित करने के लिए विरोधी हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।

किरोड़ी लाल मीणा ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, "मेरे खिलाफ परदे के पीछे से जो राजनैतिक ताना-बाना बुना जा रहा है, उससे मैं बिल्कुल भी हैरान नहीं हूँ। षड्यंत्र तो त्रेतायुग और द्वापरयुग में, यानी रामायण और महाभारत काल के भीतर भी बड़े-बड़े महापुरुषों के खिलाफ हुए थे, तो मैं तो एक साधारण इंसान हूँ। लेकिन मैं पूरी ईमानदारी से अपनी बात रख रहा हूँ कि यदि इस पूरे रिश्वतखोरी और बीज निगम प्रकरण के मामले में मेरी तिल मात्र भी संलिप्तता या कोई व्यक्तिगत दोष सामने आ जाए, तो मैं किसी के मांगे बिना खुद उसी वक्त अपना मंत्री पद छोड़ दूंगा और सीधे जेल जाने के लिए भी पूरी तरह तैयार हूँ।"

'मेरी कमजोरी रही कि... '

करौली की जनसभा में अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्री ने जनता के सामने बेहद सच्चाई और पारदर्शिता के साथ अपनी राजनैतिक कमजोरी को भी स्वीकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी अपराधी या भ्रष्टाचारी को संरक्षण देने के सख्त खिलाफ हैं, चाहे वह व्यक्ति उनके कितना ही नजदीक क्यों न रहता हो।

जनता को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में कृषि मंत्री ने कहा, "पिछले 3-4 दिनों से आप लोग लगातार अखबारों के पन्नों पर और टीवी चैनलों की स्क्रीन पर कृषि विभाग और बीज निगम की तमाम गड़बड़ियों से जुड़ी खबरें देख और पढ़ रहे होंगे। मेरे विरोधी इस पूरे मौके का फायदा उठाकर मुझे चारों तरफ से घेरने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। मेरी भी जीवन में एक छोटी सी कमजोरी रही कि जो लोग मेरे साथ दिन-रात लगातार घूम रहे थे, उनके भीतर चल रहे इन गलत इरादों और इन प्रशासनिक गड़बड़ियों की मुझे पहले से कोई भनक या जानकारी नहीं थी और इसी का गलत फायदा उठाकर उन्होंने मेरे पीछे इतनी बड़ी गड़बड़ियां कर दीं।"

उन्होंने आगे साफ किया, "लेकिन मैं आपको बहुत साफ-साफ बता दूं कि मैंने ऐसे लोगों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं है। जैसे ही मुझे इस बात का पता चला कि मेरे नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, मैंने खुद आगे बढ़कर पुलिस और एसीबी को बोलकर ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार करवाया है। मेरे बगल में चलने वाला आदमी अगर कोई गड़बड़ कर गया, तो उसे कानून के हवाले और सलाखों के पीछे भिजवाने वाला भी मैं खुद ही हूँ। मेरे नाम की आड़ लेकर कोई राजस्थान के किसानों को लूटे या विभाग में भ्रष्टाचार फैलाए, यह किरोड़ी के रहते इस मरुधरा पर कभी संभव नहीं हो सकता।"