दौसा

खेजड़े के पातड़े खाने से नौ बकरियों की मौत

- परिवार के समक्ष पालन-पोषण का संकट
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Apr 11, 2019
Nine goats die after eating khadegra
खेजड़े के पातड़े खाने से नौ बकरियों की मौत

बसवा. कस्बे में खेजड़े के पेड़ के पातड़े खाने से नौ बकरियों की मौत हो गई। मौके पर पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने पहुंचकर कई बकरियों का तो उपचार कर बचा लिया। बाबूलाल मीणा झरवालों की ढाणी निवासी बसवा ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 35 बकरियों की चराने के लिए जंगल में लेकर गया था। जहां बकरिया खेजड़े के पेड के नीचे गिरे पातड़ों को खाने लगी।

इससे सभी बकरियों का पेट फूलकर जमीन पर गिर गई। सूचना पर पशु चिकित्सा प्रभारी डॉ. आनंद कोली, गौरव बिंदा, मुकेश शर्मा, रामजीलाल की टीम ने पहुंचकर बकरियों का उपचार किया। इसमें नौ बकरियों की मौत हो गई। उपचार करने से बाकी बकरियों को बचा लिया गया। लोगों ने बताया कि बाबूलाल बकरियां चराकर ही अपना जीवन यापन किया करता है। नौ बकरियों की मौत होने पर घर में कोहराम मच गया। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई।

परिजनों ने जताई हत्या की आंशका, मामला दर्ज
- गीजगढ़ में खेत में संदिग्ध शव मिलने का मामला
सिकंदरा. गीजगढ़ कस्बे के मुंड़ेत्या ढाणी में मंगलवार शाम को खेत में संदिग्ध अवस्था में युवक का शव मिलने के मामले में परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक युवक के भाई ने बुधवार को सिकंदरा थाने में मामला दर्ज कराकर जांच की मांग की है। पुलिस ने बताया कि सोनू पुत्र रतनलाल शर्मा निवासी फर्राशपुरा ने मामला दर्ज कराया है कि उसका छोटा भाई अनूप 6 अप्रेल को फर्राशपुरा में मामा के गांव गीजगढ़ गया था। तब से वह वहीं रह रहा था। मंगलवार शाम को मामा ने फोन पर सूचना दी, कि अनूप की मौत हो गई। सूचना पर परिवार के लोग जब मौके पर पहुंच तो अनूप का शव खेतों में पड़ा हुआ था। परिजनों ने अनूप की हत्या करने की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। पुलिस ने देर रात को शव सिकंदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सिलिकोसिस से एक जने की मौत
गीजगढ़. रामगढ़ गंाव डुगरी वाली ढाणी में सिलिकोसिस से पीडि़त एक युवक मौत हो गई। इससे ढाणी में शोक की लहर दौड़ गई। पप्पू सैनी (32) वर्ष करीब तीन वर्ष से सिलिकोसिस बीमारी से पीडि़त था। जिसकी मौत हो गई। परिवारवालों का रो रोकर बुरा हाल है । परिवारजनों ने बताया कि मृतक बद्रीप्रसाद का एक वर्ष से अधिक समय से इलाज चल रहा था।उसकी मौत हो जाने और परिवार में अन्य कोई कमाने वाला नहीं होने से एक बेटी व एक बेटा सहित परिवार पर रोजी-रोटी का संकट आ गया। उल्लेखनीय है कि सिलिकोसिस बीमारी से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है मंगलवार को भी गीजगढ में कस्बे की पापड्दया ढाणी में सिलकोसिस पीडि़त पप्पू सैनी की मौत हो गई थी ।

Published on:
11 Apr 2019 09:05 am