दौसा

पाटोत्सव के समापन पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

बाबा श्याम की सजाई झांकी
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Feb 18, 2019
Patotsav culminating at the conquest of reverence
पाटोत्सव के समापन पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

दौसा. श्रीश्याम अर्चना सेवा समिति ट्रस्ट दौसा के तत्वावधान में श्रीश्याम मंदिर चरणधाम के पाटोत्सव का समापन रविवार को विशाल भण्डारे के साथ हुआ। जिसमें प्रसादी पाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बाबा श्याम की आकर्षक झांकी सजाई गई। जिसके दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। राजेश ठाकुरिया ने बताया कि 8 से 15 फरवरी तक दिव्य दुर्लभ सत्संग में ऋषिकेष के बाल ब्रह्मचारी संत गोविंददास ने प्रवचन दिए। इस दौरान ऋषिकेष के बाल संत शंकरलाल ने नानी बाई रो मायरो कथा का वाचन किया। 13 से 15 फरवरी तक श्रीमद्भक्तमाल कथा का आयोजन हुआ। 16 फरवरी से 108 संगीतमय रामचरित मानस अखण्ड पाठ का आयोजन त्रिवेणीधाम संत रिछपालदास के सानिध्य में हुआ। कार्यक्रम के अंत में रविवार को संत सियाराम दास के आशीर्वचन हुए।इससे पहले सुबह पूर्णाहुति हवन में श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी।

लालसोट. निर्र्झरना गांव स्थित काली डंूंगरी श्रीराम जानकी मंदिर पर जारी तीन दिवसीय पाटोत्सव व कृष्ण बलराम प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा समारोह का रविवार को समापन हो गया। समारोह में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। उपखण्ड मुख्यालय समेत आस पास के कई गांवों से हजारों ग्रामीण श्री रामजानकी धाम मंदिर पहुंचे और आयोजन में शरीक हुए। प्रदेश के उद्योग मंत्री परसादीलाल मीना ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में धार्मिक भावना और सामाजिक एकजुटता बढ़ती है। उन्होंने इस मौके पर मंदिर के विकास के लिए 10 लाख रुपए विधायक कोष देते हुए रामजानकी धाम को एक बड़े धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस धाम के विकास के लिए आगे भी कोई कोर कसर नही छोड़ी जाएगी और प्रतिवर्ष बजट उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पूर्व सुबह हवन पूूजा की गई। संत अवधेशदास के सानिध्य में 51 जोड़ों ने हवन पूजा में शिरकत की। जयकारों से पूरा माहौल ही धार्मिक हो गया। रामजानकी धाम मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कृष्ण बलराम की प्रतिमाओं की प्र्राण प्रतिष्ठा की गई।
इस मौके पर यजमान बाबूलाल विष्णु कुमार गौड रिवाली वाले ने पूजा अर्चना व जयकारों के बीच प्रतिमाओं को स्थापित कराया। भगवान राम व जानकी की प्रतिमाओं का भी शृंगार किया गया।शाम को मनोकामना दीपक जलाए गए और महाआरती का भी आयोजन किया गया। संत समागम में दर्जनों संतों ने शिरकत करते हुए भारतीय संस्कृति के अधिक से अधिक प्रचार प्रसार पर बल दिया। इस मौके पर संत शंकरदास, विद्यानंददास, श्यामदास, संदीपदास एवं रघुनाथ दास समेत कई संतोंं ने विचार प्रकट किए। यज्ञ संयोजक संतअवधेशदास ने सभी संतों का सम्मान किया े।(नि.प्र.)

Published on:
18 Feb 2019 11:33 am