
बांदीकुई. जलदाय विभाग की ओर से बांदीकुई एवं बसवा की पानी की समस्या के स्थाई समाधान के लिए बाणगंगा नदी में स्वीकृत हुए दस नलकूपों के निर्माण की मांग तूल पकड़ती जा रही है। इसको लेकर 5 जुलाई को जलदाय कार्यालय से प्रस्तावित जुलूस में भीड़ अधिक संख्या में आए, इसके लिए समिति कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कॉलोनियों में जाकर पम्फलेट एवं पीले चावल बांटकर आमंत्रण दिया। वहीं शहर में रिक्शा लगाकर लोगों को जुलूस में आने के लिए जागरुक किया जा रहा है। लोग भी अब पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं।
समिति संयोजक व समाज कल्याण बोर्ड सदस्य सुनीता सैनी ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को 8 से 10 दिन में एक बार बदबूदार एवं फ्लोराइडयुक्त पानी मिल रहा है। इससे संक्रमण फैलने की संभावना बनी हुई है। राज्य सरकार की ओर से बाणगंगा नदी में 10 नलकूप स्वीकृत किए गए थे। इसके लिए टेण्डर कर जलदाय विभाग ने संवेदक को कार्य आदेश भी जारी कर दिए। इन नलकूपों का निर्माण होने पर 18 लाख लीटर पानी का उत्पादन बढ़ता और लोगों को 48 घण्टे के अंतराल में मीठा पानी मुहैया हो सकता था, लेकिन चंद लोग अपने स्वार्थ के लिए योजना को विफल करने में लगे हुए हैं।
प्रशासनिक नुमाइंदे को भी बोरिंग निर्माण को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। इसमें व्यापारिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों सहित जनप्रतिनिधियों को भी क्षेत्र की मांग को लेकर आयोजित इस प्रस्तावित जुलूस कार्यक्रम में अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वावान किया। समिति सह संयोजक लल्लूराम सारसर, नीरज रावत एवं रुकमणी देवी ने भी लोगों से अधिक संख्या में पहुंचने का आहवान किया है। हालंाकि प्रस्तावित इस विरोध प्रदर्शन को लेकर जलदाय विभाग भी उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से पानी सप्लाई की मॉनीटरिंग कर सुचारू करने में जुट गया है। लोग भी अब पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं।