
बांदीकुई.
एक ओर शहर के लोग बूंद-बूंद पानी की समस्या से त्रस्त हैं, वहीं दूसरी ओर जलदाय विभाग की अनदेखी के चलते कई जगहों पर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण लीकेजों से पानी व्यर्थ बह रहा है। मामले से जानकार होने के बावजूद भी जलदाय विभाग आंखें मूंदकर बैठा है। ऐसे में लोग व्यर्थ बहते पानी को देख जलदाय विभाग को कोसते दिखाई देते हैं। शनिवार दोपहर शहर के सिकंदरा रोड गांधी पार्क दरवाजे के सामने बिछाई गई ओपन लोहे की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
इससे सप्लाई चालू होने के साथ ही सैकड़ों लीटर पानी व्यर्थ बह गया। पानी का प्रेशर इतना तेज था कि समीप ही स्थित दुकान में तक पानी भर गया। आस-पास स्थित दूकानदारों ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन में कपड़ा एवं पत्थर की पट्टियां लगाकर व्यर्थ बहते पानी को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर जलदाय विभाग प्रशासन को सूचना दी गई। आनन-फानन में जलदाय विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जहां से शीघ्र पानी सप्लाई को बंद कराया गया।
इसके बाद देर शाम तक पाइप लाइन मरम्मत का कार्य जारी रहा। इसके अलावा गांधी गेट के समीप, बसवा रोड सहित कई जगहों पर भी जलदाय विभाग की पाइप लाइनें लीकेज होने के कारण पानी व्यर्थ बहता रहता है। लोगों का कहना है कि जलदाय विभाग की ओर से बिछाई गई लोहे की पाइप लाइन नाली एवं नालों के समीप होकर एवं कई जगह तो अंदर होकर बिछाई गई है।
ऐसे में लीकेज होने पर पानी नालियों में बह जाता है और पानी सप्लाई बंद होने पर इन लीकेजों के जरिए नालियों का गंदा पानी नलों में चला जाता है। इससे लोगों के बीमार होने का भी अंदेशा बना रहता है। लोगों को 10 से 12 दिन में एक बार पानी मिल रहा है। इसमें भी लीकेज होने के कारण पानी प्रेशर से नहीं पहुंच पाता है। इधर जलदाय विभाग के सहायक अभियंता राजेश शर्मा का कहना है कि लीकेज की शिकायत मिलने पर कर्मचारी भेजकर पाइप लाइन को दुरुस्त करा दिया जाता है। नई पाइप लाइन बिछाए जाने के लिए भी प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है।
पौधे लगाने पर मिलेगा अनुदान
लवाण.
किसान अब अपने खेतो पर मन चाहे पौधे लगा सकते हैं।इसके लिए कृषि विभाग की ओर से प्रति पौधे के हिसाब से किसानों को अनुदान दिया जायगा। सहायक कृषि अधिकारी रामजीलाल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय टिकाऊ खेती मिशन के तहत वानिकी सब मिशन के अन्तर्गत किसान अपनी भूमि पर पौधे लगाकर आय बढ़ा सकते हैं। सरकार कि ओर से किसान को एक पौधे के 35 रुपए दिए जाएंगे। पंचायत समिति क्षेत्र में पन्द्रह हजार पांच सौ पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है।