विकास अधिकारी-एईएन सहित 39 कार्मिक मिले अनुपस्थित, कारण बताओ नोटिस जारी कर मांगा है जवाब
बांदीकुई. इन दिनों सरकारी कार्यालय रामभरोसे चल रहे हैं। अधिकांश समय कर्मचारी-अधिकारी सीटों से गायब दिखाई देते हैं। इससे शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र से समस्याओं का समाधान कराने आने वाले लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इसको लेकर उपखण्ड अधिकारी चिम्मनलाल मीणा ने मंगलवार दोपहर आधा दर्जन सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जहां करीब 39 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
अनुपस्थित मिले सभी कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सम्पतराम मीणा, एबीईईओ बाबूलाल, जुनियर अकाउंटेंंट सीमा जारवाल, एओएस सत्यनारायण शर्मा, रामहंस गुर्जर, जितेन्द्र मिश्रा, खुशहालसिंह खटाना, दीपक कुमार, गुलजारीलाल मीणा, सहायक कर्मचारी जितेन्द्र सैन अनुपस्थित मिले। इसी प्रकार पंचायत समिति मनरेगा में एएओ हजारीलाल बैरवा, जेटीए हेमं बसेढिया एवं लेखाकार राजू सैनी, विकास अधिकारी अजीत सहरिया, पीईओ मानजीलाल मीणा, मुन्नालाल मीणा, जेईएन इन्द्राज मीणा, रामजीलाल, मुमताज, नारायणलाल सैन, लक्ष्मणलाल एवं रामफूल प्रजापत,
सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता धीरज कुमार, कनिष्ठ अभियंता बबीता, सहायक कर्मचारी महाराजसिंह, बिजली निगम में सहायक अभियंता अनीश सैमुअल, हेमंत, कमल कुमार, जलदाय विभाग में ओमप्रकाश गुर्जर, राजेन्द्र शर्मा, सुभाष शर्मा, ओमप्रकाश, केदारप्रसाद शर्मा, ऊषा देवी एवं सरिता देवी अनुपस्थित मिले। वहीं नगरपालिका में कनिष्ठ अभियंता लाखनसिंह, लिपिक राजीव लोया एवं शंकरलाल अनुपस्थित पाए गए। खास बात यह है कि यदि इन सरकारी कार्यालयों की प्रत्येक सात दिवस में जांच की जाए। तो कुछ हद तक अधिकारी-कर्मचारी सीटों पर नजर आ सकते हैं। इससे लेागों की समस्याओं का नियत समय पर समाधान होने से राहत मिल सकती है।
महिलाओं ने की गणगौर की सामूहिक पूजा
बांदीकुई. अखिल भारतीय विजयवर्गीय (वैश्य) समाज शाखा बांदीकुई की ओर से मंगलवार को महिला एवं युवतियों ने सिकंदरा रोड स्थित विजय वाटिका में सामूहिक गणगौर का पूजन कर महोत्सव मनाया।अध्यक्ष डॉ.सुमेश विजय ने बताया कि इस दौरान चार महिलाओं ने सामूहिक रूप से गणगौर का उद्यापन किया। इस दौरान मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित हुए।
महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष डिम्पल विजय ने बताया कि इस दौरान महिलाओं ने गणगौर के महत्त्व पर प्रकाश भी डाला। इसके बाद सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। इसी प्रकार शहर में भी जगह-जगह घरों में महिलाओं ने गणगौर का पूजन कर महिलाओं को भोजन कराकर वस्त्र एवं श्रृंगार के सामान दिए। गणगौर से जुड़ी भजनों से समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया।