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Rajasthan: पीएमश्री स्कूलों में 4,332 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, 402 स्कूलों के लिए मांगे गए आवेदन, 14 श्रेणियों में होंगी भर्तियां

राजस्थान के अंदर संचालित 402 पीएमश्री स्कूलों में शिक्षक समेत विभिन्न पदों पर तैनाती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बीच शिक्षकों ने इंटरव्यू की बजाय लिखित परीक्षा से चयन की मांग की है।

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दौसा

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Kamal Mishra

Apr 30, 2026

representative picture (patrika)

दौसा। प्रदेश के सरकारी शिक्षा तंत्र में गुणवत्ता सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने पीएमश्री स्कूलों में पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्यभर के 402 पीएमश्री विद्यालयों में 14 संवर्गों के 4,332 से अधिक संभावित रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। यह पदस्थापन तीन वर्ष की अवधि के लिए होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर दो वर्ष तक बढ़ाया भी जा सकेगा।

इस निर्णय को जहां शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए अहम माना जा रहा है, वहीं चयन प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों के बीच असंतोष भी उभरने लगा है। शिक्षक संगठनों ने साक्षात्कार आधारित चयन पर सवाल उठाते हुए लिखित परीक्षा के जरिए पारदर्शी भर्ती की मांग की है। दौसा जिले में "पीएमश्री" के कुल 17 विद्यालय संचालित हैं।

कड़े मानदंडों से छंटेगा चयन

विभाग ने इस बार पात्रता के लिए सख्त मापदंड तय किए हैं। अभ्यर्थियों को 10वीं से लेकर स्नातकोत्तर व व्यावसायिक योग्यता (बीएड/बीएसटीसी) तक हर स्तर पर न्यूनतम 60% अंक अनिवार्य किए गए हैं। प्राचार्य पद के लिए 5 वर्ष का अनुभव और पिछले 5 वर्षों में 100% बोर्ड परीक्षा परिणाम की शर्त रखी गई है। अन्य पदों पर भी संबंधित विषय में अनुभव और लगातार बेहतर परिणाम देना जरूरी होगा।

इन शिक्षकों को नहीं मिलेगा मौका

विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में अंग्रेजी माध्यम, महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी या बालिका सैनिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षक इस प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा जिन कार्मिकों के खिलाफ विभागीय जांच लंबित है या जो दंडित हो चुके हैं, उनके आवेदन भी निरस्त कर दिए जाएंगे।

इसलिए अहम है यह भर्ती

पीएमश्री स्कूलों को केंद्र व राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना के तहत आधुनिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में योग्य और अनुभवी शिक्षकों की तैनाती से इन स्कूलों की गुणवत्ता और परिणामों में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।

यह रहेगा विकल्प

  • प्राचार्य व व्याख्याता: अधिकतम 2 जिलों का विकल्प
  • वरिष्ठ अध्यापक: अपने मंडल के 2 जिलों का चयन
  • तृतीय श्रेणी शिक्षक: केवल वर्तमान जिले में विकल्प

इनका कहना है-

पुरानी डिग्रियों के अंक किसी शिक्षक की वर्तमान क्षमता का सही आकलन नहीं करते। निष्पक्ष चयन के लिए विभागीय लिखित परीक्षा जरूरी है। केवल साक्षात्कार से पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो सकती। खेमराज मीणा, स्टेट चेयरमैन प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल-प्रथम)

प्रमुख पदों का ब्योरा (एक नजर में)

  • प्राचार्य – 99
  • उप प्राचार्य – 267
  • प्राध्यापक – 1788
  • वरिष्ठ अध्यापक – 1053
  • पीटीआई (वरिष्ठ/सामान्य) – 90
  • अध्यापक लेवल-1 व 2 – 498
  • पुस्तकालयाध्यक्ष – 147
  • कंप्यूटर अनुदेशक – 294
  • प्रयोगशाला सहायक – 96
  • कुल पद: 4332

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