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Dausa News: मेहंदीपुर बालाजी जाने वाले श्रद्धालुओं का बांदीकुई में फूटा गुस्सा, रोड किया जाम, जानें क्यों

Dausa News: मेहंदीपुर बालाजी दर्शन करने के लिए ट्रेनों से बांदीकुई पहुंचे श्रद्धालुओं का प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा। जानें ​आखिर क्यों श्रद्धालुओं को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा?

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Mar 26, 2025

बांदीकुई। मेहंदीपुर बालाजी दर्शन करने के लिए ट्रेनों से बांदीकुई पहुंचे श्रद्धालुओं का मंगलवार सुबह प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा। श्रद्धालुओं ने स्टेशन के बाहर सिकंदरा रोड बस स्टैंड पर सड़क मार्ग जाम कर दिया व नारे लगाकर प्रदर्शन किया। एक बार तो स्थिति यह हो गई कि श्रद्धालु अवैध रूप से संचालित वाहनों के आगे तक खड़े हो गए। मौजूद लोगों के समझाने पर मामला शांत होने पर आवागमन सुचारू हुआ।

बस एवं मिनी बस यूनियन के बस संचालक अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गत 10 दिन से हड़ताल पर हैं। सुबह गोमती और भठिंडा जयपुर एक्सप्रेस से काफी संख्या में श्रद्धालु मेहंदीपुर बालाजी दर्शन के लिए बांदीकुई पहुंचे। जहां बस की सुविधा नहीं मिलने और अन्य वाहनों संचालकों द्वारा श्रद्धालुओं से 50 की जगह 100 से 150 रुपए किराया मांगने पर आक्रोश फूट पड़ा और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र बसों का संचालन शुरू कराने की मांग की है।

आस्था का सफर हो रहा मुश्किल

श्रद्धालुओं का कहना है वे परिवार के साथ दर्शन करने के लिए मेहंदीपुर बालाजी जाने के लिए बांदीकुई आते हैं। जहां इन दिनों साधनों में लटक कर यात्रा करने को मजबूर है। क्षमता से अधिक सवारियां भरकर चलने से दुर्घटना का डर सताए रहता है। यहां हरियाणा, उत्तर प्रदेश, रेवाड़ी, हिसार, दिल्ली, मध्यप्रदेश, पंजाब सहित कई प्रांतों के हजारों श्रद्धालु मेहंदीपुर बालाजी दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन बसों की हड़ताल इन दिनों यात्रा में मुसीबत बनी हुई हैं।

बस एवं मिनी बस यूनियन का प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

इधर, बस एवं मिनी बस यूनियन की ओर से मंगलवार को भी बस स्टैंड परिसर में धरना देकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। इस मौके पर यूनियन अध्यक्ष अशोक चौधरी, उपाध्यक्ष कैलाश पोषवाल, रामकरण चेची, सूरजमल गुर्जर, राजाराम यादव, बहादुरसिंह, मीठालाल, मोहनलाल, मोहरसिंह, राजेन्द्र, रमेशचंद, कमलसिंह, हनुमानसिंह, सुरेश, धर्मसिंह सहित बस संचालक मौजूद थे।

नहीं हो रही ठोस कार्रवाई

पुलिस, प्रशासन व परिवहन विभाग के सामने अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करना चुनौती बना हुआ है। आरटीओ ने कार्रवाई के लिए टीम गठित कर दी, लेकिन एक सप्ताह बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। चालकों का कहना है कि 65 बसों का रोड टैक्स, परमिट सहित अन्य खर्चे भी खड़ी बसों के देने पड़ रहे हैं। इससे आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। यूनियन पदाधिकारी उपखंड से लेकर कलक्टर, एसपी एवं आरटीओ को ज्ञापन सौंप चुके, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।


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