दौसा जिले में नए साल के पहले दिन हुई मावठ ने किसानों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से बारिश के इंतजार में सूखती जमीन को नमी मिलने से रबी फसलों को संजीवनी मिली है।
दौसा जिले में नए साल के पहले दिन हुई मावठ ने किसानों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से बारिश के इंतजार में सूखती जमीन को नमी मिलने से रबी फसलों को संजीवनी मिली है। खासकर गेहूं, चना, सरसों, जौ और मटर की फसलों के लिए यह मावठ अमृत का कार्य करेगी। खेतों में हरियाली लौट आई है और फसलों की बढ़वार तेज हो गई है। किसान इस बारिश को मौसम की बड़ी मेहरबानी मान रहे हैं।
जिन बारानी क्षेत्रों में सिंचाई के साधन नहीं हैं, वहां यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही। किसानों का कहना है कि यदि यह बारिश नहीं होती तो फसलों की सिंचाई के लिए डीजल व बिजली पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता। अब सिंचाई की जरूरत कुछ समय के लिए टल गई है, जिससे लागत में भी कमी आएगी।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक सुरज्ञान सिंह ने बताया कि मावठ से फसलों की बढ़वार अच्छी होती है, साथ ही उत्पादन बढ़ने की भी संभावना बढ़ गई है। अब कई दिनों में ओस गिरेगी, इससे भी फायदा होगा। गेहूं में कल्ले निकलने की प्रक्रिया तेज होती है, वहीं सरसों में फूल और दाने अच्छी तरह विकसित होते हैं। यदि मौसम आगे भी अनुकूल रहा तो इस वर्ष जिले में रबी फसलों का उत्पादन अच्छा रहने की पूरी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार व शनिवार को कोहरे की संभावना है। इससे भी फसलों को फायदा होगा। ओस भी गिरेगी।