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Prince Murder Case: 6 साल तक आंसू पोंछने वाला ‘चाचा’ ही निकला कातिल, प्रिंस की तलाश के लिए खुदाई होते देख बिलख पड़ी मां-बहन

Dausa Prince Murder Case: ऊनबड़ा के रामदेवा की ढाणी से छह वर्ष पहले घर के आंगन से लापता हुए छह वर्षीय प्रिंस उर्फ टिल्लू की तलाश अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे किनारे जमीन की गहराइयों तक पहुंच गई है।

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दौसा

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Anil Prajapat

Feb 27, 2026

Tillu alias Prince murder case

प्रिंस की तलाश के लिए जेसीबी से खुदाई करते हुए व इनसेट में विलाप करती मां-बहन। फोटो: पत्रिका

बांदीकुई/आभानेरी। ऊनबड़ा के रामदेवा की ढाणी से छह वर्ष पहले घर के आंगन से लापता हुए छह वर्षीय प्रिंस उर्फ टिल्लू की तलाश अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे किनारे जमीन की गहराइयों तक पहुंच गई है। पुलिस ने दिल्ली से ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (जीपीआर) मशीन मंगवाकर जांच कराई, जिसमें करीब 9 मीटर नीचे संदिग्ध संकेत मिले। इसके बाद लगातार लगभग 24 घंटे तक खुदाई कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लगा है।

खुदाई स्थल पर थाना प्रभारी जहीर अब्बास पुलिस जाब्ते के साथ हर फावड़े की मिट्टी को उम्मीद भरी नजर से देखते रहे, पर नतीजा शून्य रहा। अब पुलिस एनएचएआई से संपर्क कर निर्माणाधीन हाईवे के दौरान और उससे पहले के फोटो-वीडियो फुटेज खंगालने की तैयारी में है, ताकि सटीक स्थान को लेकर बनी असमंजस की स्थिति स्पष्ट हो सके।

हाईवे किनारे इंतजार… और आंखों में छह साल का दर्द

जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे परिजनों की बेचैनी भी गहराती गई। दुबई से 21 फरवरी को सूचना मिलते ही गांव पहुंचे पिता जगमोहन हाईवे किनारे बैठकर बेटे के शव मिलने की प्रतीक्षा करते रहे। “जिस हाल में भी हो, मेरा बेटा लौटा दो…” कहते-कहते उनका गला भर आया। यह दृश्य देखकर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। खुदाई के दौरान मां और बहनें भी मौके पर पहुंचीं और बिलख पड़ीं।

पड़ोसी ने छह साल दबाए रखा राज

पुलिस सूत्रों के अनुसार 16 अगस्त 2020 को प्रिंस उर्फ टिल्लू घर से लापता हुआ था। लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। अदालत की सख्ती के बाद पुलिस ने जांच तेज की और पड़ोसी जो रिश्ते में चाचा बताया जा रहा है तथा उसकी बहन को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपियों ने हत्या कर शव को उस समय निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के किनारे दफनाने की बात कबूल की। बताया जा रहा है कि शक से बचने के लिए आरोपी वर्षों तक पीड़ित परिवार से घुलता-मिलता रहा।

अब भी उम्मीद बाकी

हाई-टेक मशीन के संकेतों के बावजूद अब तक शव बरामद न होना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर आगे की तकनीकी जांच और दस्तावेजी साक्ष्यों की पड़ताल की तैयारी है। छह साल पहले आंगन से गायब हुआ मासूम आज भी अपने घर लौटने की प्रतीक्षा में है। बस फर्क इतना है कि अब तलाश आकाश में नहीं, जमीन की गहराइयों में हो रही है।