
जयपुर शहर में इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल। फोटो: पत्रिका
जयपुर। राजधानी जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को हरित दिशा देने की दिशा में गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया। पीएम ई-बस सेवा के तहत शहर में इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल शुरू हुआ। पहले दिन पांच प्रमुख रूटों पर कुल 186 किलोमीटर का परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान बसों में जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ सवार रहे।
यात्रियों के वास्तविक भार की स्थिति का आकलन करने के लिए बसों में यात्रियों के वजन के बराबर मिट्टी से भरे जैरिकिन रखे गए। तीन दिन तक अलग-अलग रूटों पर यह परीक्षण जारी रहेगा। 28 फरवरी तक चलने वाले इस ट्रायल के बाद विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। ट्रायल सफल रहने पर अप्रैल तक जयपुर को पहले चरण में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें मिल सकती है।
ट्रायल के दौरान कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आई। 31 सीट क्षमता वाली बसों में क्या खड़े यात्रियों को अनुमति दी जाएगी या केवल सीटिंग कैपेसिटी तक ही संचालन होगा, यह स्पष्ट होना बाकी है। दूसरी चुनौती बस की अपेक्षाकृत कम ऊंचाई को लेकर है। शहर में ऊंचे स्पीड ब्रेकर और गड्ढों के बीच ग्राउंड क्लियरेंस पर्याप्त रहेगा या नहीं, यह ट्रायल का अहम पहलू है।
सबसे बड़ा सवाल दिव्यांगजनों के लिए बनाए गए हाइड्रोलिक गेट को लेकर है, जिसे पूरी तरह खुलने और बंद होने में तीन से पांच मिनट का समय लग रहा है। व्यस्त रूटों पर इतने समय बस का रुकना ट्रैफिक प्रबंधन के लिए चुनौती बन सकता है।
अग्रवाल फॉर्म से कूकस वाया मध्यम मार्ग: 36 किमी
कूकस से अग्रवाल फॉर्म: 36 किमी
अग्रवाल फॉर्म से कूकस वाया मध्यम मार्ग: 36 किमी
कूकस से अग्रवाल फॉर्म: 36 किमी
अग्रवाल फॉर्म से आमेर वाया मध्यम मार्ग: 29 किमी
आमेर से अग्रवाल फॉर्म: 29 किमी
Published on:
27 Feb 2026 07:43 am
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