राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट अपने पिता को श्रद्धांजलि देने जयपुर-आगरा हाइवे पर स्थिति भंडाना पहुंचे
दौसा। कांग्रेस के पूर्व नेता राजेश पायलट की आज पुण्यतिथि है। इस मौके पर राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट अपने पिता को श्रद्धांजलि देने जयपुर-आगरा हाइवे पर स्थिति भंडाना पहुंचे। इसके बाद वह यहां से दौसा के गुर्जर छात्रावास गए, जहां उन्होंने स्व. राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण किया। यहां आयोजित एक सभा में सचिन पायलट ने कहा कि उनके पिता ने अपने जीवन में फौज की नौकरी की, लड़ाकू विमान चलाए पाकिस्तान के दांत खट्टे किए और राजनीति में भी अपनी बात को मुस्तैदी से रखा। उसी प्रकार की राजनीति की आज देश को जरूरत है, बेबाकी से बोलना, सच्चाई ईमानदारी का समर्थन करना विपरित परिस्थितियों में भी समझौता ना करना।
सचिन पायलट ने भ्रष्टाचार के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति में करप्शन की कोई जगह नहीं है। इसके बाद पायलट ने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा। पायलट ने कहा कि हर गलती सजा मांगती है और हम आपस में कैसे भी संबंध रखें, लेकिन आज नहीं तो कल वह नीली छतरी वाला जरूर न्याय करेगा। पायलट ने कहा कि मैंने हमारी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का विरोध साल के 365 दिन किया, लेकिन कभी मेरे मुंह से कोई छोटी बात या अपशब्द नहीं निकला। वे मेरे से उम्र में बड़ी हैं लेकिन आज भी मैं कहता हूं आपने खान आवंटित कर दी चोरी पकड़ी तो रद्द कर दी लेकिन आवंटन तो किया था ना। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने हमेशा आम जनता के मुद्दों को उठाया, चाहे वह पद पर थे या नहीं। पायलट ने कहा कि उन्होंने अपने आदर्शों और सम्मान के साथ कभी समझौत नहीं किया। आज राजनीति में सभी का लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। राजनीति में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। वहीं कार्यक्रम में गहलोत समर्थक माने जाने वाले मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और ममता भूपेश मौजूद थे। इसके अलावा विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा, हेमाराम चौधरी, राकेश पारीक और इंद्राज गुर्जर भी पहुंचे।
यह भी पढ़ें- मासूम लड़की को नहीं पता था कि इंस्टाग्राम पर एक गलती से हो जाएगा उसका गैंगरेप, जानिए पूरा मामला
कार्यक्रम की अध्यक्षता बांदीकुई विधायक गजराज खटाणा ने की। कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में पायलट के पार्टी संबंधी सियासी निर्णय की घोषणा के अनुमान भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी कोई अधिकृत घोषणा नहीं की गई है। इससे पहले सचिन पायलट ने एक ट्वीट साझा किया। उन्होंने कहा, मैं मेरे पूज्य पिताजी, श्री राजेश पायलट जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं। उनका कार्यक्षेत्र से लगाव, जनता से उनका जुड़ाव और जनकल्याण के प्रति उनकी समर्पित कार्यशैली मेरे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
उन्होंने कहा, मैं हमेशा उनके विचारों और आदर्शों का पालन करूंगा। पायलट ने यह ट्वीट उन अटकलों के बीच साझा किया कि वह नई पार्टी बना सकते हैं। हालांकि कांग्रेस के दिग्गज नेता और उनके ही समर्थक इससे इनकार कर रहे हैं। बता दें कि श्रद्धांजलि सभा में चिकित्सा मंत्री परसादीलाल, महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, कृषि विपणन मंत्री मुरारीलाल मीना, मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, विधायक गजराज खटाना, ओम प्रकाश हुड़ला, सुरेश मोदी, राकेश पारीक, छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी और जिला प्रमुख हीरालाल सैनी आदि मौजूद थे। वहीं सबकी निगाहें दौसा पर टिकी हैं कि क्या यह आयोजन शक्ति प्रदर्शन में बदल जाएगा या फिर पायलट नई पार्टी की घोषणा करेंगे।