Sachin Pilot Dausa Rally : पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दौसा में राजेश पायलट की मूर्ति अनावरण समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा सरकार पर सियासी हमला करते हुए कहा कि मैं सबको साथ लेकर चलने की कोशिश करता हूं।
दौसा। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने दौसा में राजेश पायलट की मूर्ति अनावरण समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा सरकार पर सियासी हमला करते हुए कहा कि मैं सबको साथ लेकर चलने की कोशिश करता हूं। पांच साल प्रदेशाध्यक्ष रहा तो सरकार के दांत खट्टे कर दिए। वसुंधरा राजे का विरोध साल के 365 दिन किया। मेरे मुंह से कोई गलत बात नहीं निकली। पायलट ने कहा कि उन्होंने खान आवंटित की, मामला उठा तो कैंसिल कर दिया, लेकिन आवंटन तो किया...जांच तो होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर गलती सजा मांगती है। आपसे मेरे कैसे भी संबंध हों, सबसे बड़ा न्याय नीली छतरी वाला देता है। आज नहीं तो कल न्याय जरूर मिलेगा। परिस्थिति कोई भी हो लोगों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ता था, लड़ता हूं और लड़ता रहूंगा। पायलट ने कहा कि राजनीति में सामूहिक उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए। राजनीति स्वच्छ होना चाहिए, इसमें भ्रष्ट लोगों व भ्रष्टाचार को कोई जगह नहीं हो।
नौजवान के मन में निराशा आती है तो देश में प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने हर मोर्चे पर पक्ष विपक्ष के समक्ष नोजवानों के हित की बात की है। कार्यक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में सचिन पायलट की पार्टी की घोषणा, कांग्रेस छोड़ने जैसे सियासी कयासों पर विराम लगा गया। संबोधन में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई। पायलट से पहले मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा को मंच से बोलने को कहा, लेकिन पायलट ने मना करते हुए खुद ही भाषण देने पहुंच गए।
गुर्जर छात्रावास में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण के समय सचिन पायलट ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि राजेश पायलट ने छोटे किसान के घर में जन्म लेकर ऊंचाई पर पहुंचकर अपना दामन साफ रखा है, यह राजनेता की सबसे बड़ी सफलता है। राजेश पायलट की राजनीति अनोखी रही है, कभी-कभार वो भी राजनीति में लटके-झटके कर देते थे, लेकिन उनके केंद्र में गरीब, वंचित रहते थे। पायलट ने कहा कि परिस्थिति कोई भी, आप लोगों के लिए संघर्ष करना, न्याय दिलाने का वादा कल भी था, आज भी है, कल भी रहेगा। पायलट ने कहा कि राजनीति में बात रखना जरूरी है। भगवान की कृपा है कि जो मेरी आत्मा बोलती है, वही जनता भी बोलती है।
सचिन ने कहा कि बेबाकी से बोलना, सच्चाई और ईमानदारी के साथ विपरित परिस्थितियों में समझौता न करना राजेश पायलट ने सिखाया है। राजस्थान और देश की राजनीति में भ्रष्ट लोगों और भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं होना चाहिए। देश प्रदेश की राजनीति को लेकर सचिन पायलट ने कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र की सरकार गरीब की सहायता मिलती है तो आर्थिक दिवालीयापन हो जाने के बात कही जाती है, नौजवानों के साथ विश्वासघात होता है और उनकी मदद करते हैं तो मानसिक दिवालियापन कहा जाता है। हमारे पास खजाना है दम है हमको उनकी मदद करनी चाहिए।
आधा दर्जन मंत्री और कई विधायक हुए शामिल
सुबह 10.20 बजे सचिन पायलट दौसा के भंडाना पहुंचे। यहां राजेश पायलट के स्मारक पर उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित की और प्रार्थना सभा में शामिल हुए। राजेश पायलट की 23वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में कैबिनेट मंत्री परसादीलाल मीणा, प्रतापिसंह खाचरियावास, ममता भूपेश शामिल हैं। साथ ही मंत्री हेमाराम चौधरी, मुरारीलाल मीणा, राजेन्द्र गुढ़ा, बृजेंद्र ओला भी पहुंचे। विधायक ओमप्रकाश हुडला, गजराज खटाणा, मुकेश भाकर, राकेश पारीक विधायक, रामनिवास गावड़िया, इंद्राज गुर्जर विधायक विराटनगर दीपेंद्र सिंह विधायक श्रीमाधोपुर, पीआर मीना विधायक टोडाभीम, सुरेश मोदी विधायक नीमकाथाना, हीरालाल सैनी, जिला प्रमुख, गीता खटाणा पूर्व जिला प्रमुख सहित राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी, नसीम अख्तर, पूर्व विधायक नवीन पिलानिया, खिलाड़ी राम बैरवा भी राजेश पायलट को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
पिता पर बोले: कार्यशैली से बनाई मिशाल
मैं 22 साल से राजनीति में हूं। संतोष है कि लोगों ने मुझको परिवार को अहसास नहीं होने दिया कि स्वर्गीय पायलट हमारे बीच नहीं है। 23 सालों में बहुत कुछ देखा। अनुभव हुए, लेकिन एक बात पर पहले भी अमल था अब भी हूं। पायलट ने पद पर रहे हो या ना रहे हो , गरीब परिवार में पैदा हुए। वो छोटे थे 8 साल में पिता की मौत हो गई। तमाम कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए उन्होंने राजनीतिक को चुना। मेहनत के बल पर पूरे देश में पहचान बनाई। मूल्यों से समझौता नहीं किया। उन्होंने अपनी कार्यशैली से एक मिशाल कायम की।
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दौसा की माटी ने, 36 कोम ने किया बुलंद
पायलट ने दौसा से जुड़ाव को लेकर कहा कि दौसा में हमेशा लोगों ने साथ दिया। यहां के 36 कोम कॉम के लोगों ने, इस मिट्टी के लोगों ने मुझे इस लायक बनाया, जिससे मुझे मेरी आवाज को बुलंदी मिली। यह आपके प्यार प्रेम का नतीजा है। राजनीति में अनेक लोग आते हैं कोई प्रधान विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनता है सब आते हैं चल जाते हैं। लेकिन मैं यह मानता हूं किसी पद पर हो या ना हों जनता हमेशा तोलकर रखती है। जनता के बीच में जनता के विश्वास, वादे सबसे बड़ी पूंजी है। गत 25 वर्षों मैने कोई कार्य नहीं किया, जिससे आपके विश्वास को कम किया हो।