Rajasthan Politics: दौसा में एक कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और भजनलाल सरकरा पर निशाना साधा है।
Rajasthan Politics: दौसा में एक कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और भजनलाल सरकरा पर निशाना साधा है। उन्होंने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ और अन्य गंभीर आर्थिक मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश है।
सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अमेरिका ने भारत पर भारी टैरिफ लगाया, जिससे हमारे व्यापार और रोजगार पर संकट गहराया, तब सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए था। लेकिन इसके बजाय, केंद्र ने एक ऐसा मुद्दा संसद में लाकर खड़ा कर दिया, जिससे असली सवालों से ध्यान भटक जाए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के इस कदम पर कई देशों ने करारा जवाब देने की बात कही, लेकिन भारत सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप है। उन्होंने कहा कि सरकार देशहित के सवालों से घबरा रही है और ऐसे संशोधन विधेयक लेकर आ रही है ताकि संसद में विपक्ष सवाल न उठा सके। धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है और INDIA गठबंधन इसे सफल नहीं होने देगा।
सचिन पायलट ने परीक्षा पेपर लीक मामले पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार सत्ता में आई थी, तो बड़े-बड़े मगरमच्छों को पकड़ने की बात कही थी। लेकिन आज तक केवल कुछ छोटे अपराधियों को ही पकड़ा गया है। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद बड़ी मछलियों तक पहुंच नहीं बनाई गई। यह साफ इशारा करता है कि कुछ छुपाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास बड़ी एजेंसियां होने के बावजूद, पर्चा लीक करने वाले असली दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पायलट ने कहा कि अब जनता भी जवाब मांग रही है कि सरकार आखिर किसे बचाने की कोशिश कर रही है?
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने राजस्थान सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि MSP पर कानून बनाने की बात हो या किसानों को बोनस देने का सवाल, इस सरकार की कोई स्पष्ट नीति नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, पुलिस पर हमले हो रहे हैं, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि सरकार अपने आप ही चल रही है। भीलवाड़ा और कई जगह देख रहे हैं कि पुलिस पर हमले हो रहे हैं। प्रशासनिक नियंत्रण बिल्कुल नहीं है। क्योंकि आपस मे मनमुटाव इतना ज्यादा हो रहा है वे सही से काम भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार दिल्ली से चल रही है या अधिकारी चला रहे हैं? मुख्यमंत्री को कुछ नहीं पता चल रहा है। केवल दिल्ली को खुश करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
राजस्थान सरकार द्वारा राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के जरिए 35 लाख करोड़ के निवेश के दावे पर पायलट ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक प्रचार था। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि सरकार के मुंह से गलत तरीके से 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश आने की बात निकल गई है। शायद दिल्ली में बैठे अपने आकाओं को खुश करने के लिए यह बात कह दी।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, जब मुख्यमंत्री ख़ुद कह रहे हैं कि उद्योगपति सरकार का फ़ोन नहीं उठा रहे, तो यह सरकार की साख पर बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब कौन सरकार पर भरोसा करके यहां निवेश करेगा? उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा, उसे पूरा किया। लेकिन भाजपा सरकार केवल प्रचार में लगी हुई है। धर्म के नाम पर तनाव पैदा कर रही है, विधानसभा में विधायक एक-दूसरे को पाकिस्तानी कह रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
सचिन पायलट ने फोन टेपिंग मामले में किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है। पता नहीं फोन टैपिंग पर क्यों चुप हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खुद नहीं जानती कि उसके मंत्री कौन हैं और कौन नहीं।