दौसा

सिंघाड़े की फसल ने तलाइयों में पसारे पैर, हर साल डेढ़ लाख कमा रहे किसान

उपखण्ड के ग्राम पंचायत की प्यारीवास तलाई व रामथला तलाई में बारिश के दिनों में पानी की अच्छी आवक होती है। हर साल दोनों तलाइयों में किसान सिंघाड़े की फसल लगाकर अच्छा मुनाफा कमाते हैं।
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Updated: 23 Nov 2023, 3:52 PM IST
Singhara Farming in rajasthan

संतोष शर्मा/राजेंद्र जैन @ नांगल राजावतान (दौसा)। उपखण्ड के ग्राम पंचायत की प्यारीवास तलाई व रामथला तलाई में बारिश के दिनों में पानी की अच्छी आवक होती है। हर साल दोनों तलाइयों में किसान सिंघाड़े की फसल लगाकर अच्छा मुनाफा कमाते हैं।

यूपी से लाए पौध
किसानों ने बताया, फसल बुवाई में करीब एक लाख की लागत आती है। यूपी से पौध लाकर अगस्त माह में बुवाई की गई। अक्टूबर माह में उत्पादन शुरू हो जाता है, जो दिसम्बर माह तक चलता है। प्रति दिन एक से डेढ क्विंटल सिंघाड़े की बिक्री हो जाती है। दो माह में किसान हर साल लागत निकालने के बाद करीब एक से डेढ़ लाख का मुनाफा कमा लेते हैं।

सिंगाड़ा तुड़ाई में प्रति दिन 20 लोगों को मिल रहा रोजगार
किसान कालूराम ने बताया, दो माह स्थानीय लोगों को रोजगार मिल जाता है। सिंगाड़े तोड़ने के लिए प्रति दिन 20 लोग लग रहे हैं। एक व्यक्ति 300 से 400 रुपए मजदूरी लेता है।

तलाइयां देते हैं लीज पर
तलाइयां देते हैं लीज पर सिंघाड़े की फसल के लिए हर साल तलाइयों को प्यारीवास पंचायत द्वारा लीज पर दिया जाता है। इससे प्रतिवर्ष ग्राम पंचायत को 20 से 30 हजार रुपए की आय हो जाती है।
रेखा देवी बैरवा, सरपंच ग्राम पंचायत प्यारीवास

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