दौसा जिले में आगजनित हादसों में झुलसने वाले लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने तथा बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए जिला चिकित्सालय में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त तैयार बर्न यूनिट की इन दिनों हालत खराब है।
दौसा जिले में आगजनित हादसों में झुलसने वाले लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने तथा बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए जिला चिकित्सालय में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त तैयार बर्न यूनिट की इन दिनों हालत खराब है।
यूनिट में अव्यवस्थाओं का आलम होने से भर्ती होने वाले अग्नि पीडि़तों के घावों पर मरहम की जगह नमक छिड़का जा रहा है। इसका प्रमुख कारण यूनिट में मरीजों को जलन से राहत पहुंचाने के लिए लगाए गए सभी 8 एसी का खराब होना।
ऐसे में भर्ती होने वालों के जख्मों की जलन पंखों की हवा ठंडी नहीं हो पा रही है। ऐसे में घायलों के परिजनों को उन्हें राहत पहुंचाने के लिए अपने स्तर पर ही प्रयास करने पड़ रहे हैं।
खास बात यह है कि यूनिट प्रभारी ने कई बार प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को एसी के खराब होने की जानकारी भी दे रखी है, लेकिन अभी तक ठीक नहीं हो पाए हैं। ऐसे में यह यूनिट आग से झुलसों को राहत की जगह तकलीफ पहुंचा रही है।
औसतन पांच केस आते हैं सप्ताह में
जिला चिकित्सालय में प्रति सप्ताह औसतन पांच लोग झुलसने से भर्ती होते हैं। इनका ट्रोमा यूनिट में प्राथमिक उपचार करने के बाद शीघ्र ही बर्न यूनिट में भर्ती करा दिया जाता है।
ऐसे में यूनिट में एसी होने से उनके जख्मों की जलन कम हो जाती है तथा बेहतर उपचार होता है, लेकिन एसी खराब होने से मरीजों की हालत खराब हो रही है। यूनिट में एक दो सप्ताह से एसी खराब होने से मरीजों को राहत की जगह तकलीफ मिल रही है।