दौसा

बायपास पुलिया पर जानलेवा बना घुमाव, ट्रक पलटने से एक की मौत

The bypass culvert became a deadly rock, one dead due to truck overturning- एक पखवाड़े में दूसरा बड़ा हादसा

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Nov 17, 2020
बायपास पुलिया पर जानलेवा बना घुमाव, ट्रक पलटने से एक की मौत

दौसा. लालसोट बायपास पुलिया के घुमाव पर मंगलवार तडक़े एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक सवार एक जने की मौत हो गई तथा दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। उल्लेखनीय है कि एक पखवाड़े में बायपास पुलिस पर यह दूसरा हादसा है। पुलिया पर जयपुर रोड की तरफ उतरने के लिए खतरनाक घुमाव होने से हादसे घटित हो रहे हैं। लगातार हादसे होने से निर्माण पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

The bypass culvert became a deadly rock, one dead due to truck overturning


कोतवाली थाना पुलिस के एएसआई हेतराम ने बताया कि तडक़े करीब चार बजे लालसोट से जयपुर की ओ जा रहे प्लास्टिक के दानों से भरा ट्रक घुमाव पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में नरेश (30) पुत्र मगनीराम जाट निवासी डूडिया तहसील वल्लभनगर (उदयपुर) तथा उदयलाल निवासी डागीखेड़ा, वल्लभनगर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक के पलटते ही डिवाइडर पर लगी रेलिंग के सरियों ने घायलों के शरीर को चीर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां नरेश को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

वहीं उदयलाल की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रैफर कर दिया। दोपहर में परिजनों के पहुंचने पर जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। घटना के बाद एकतरफ का यातायात काफी देर बाधित रहा। बाद में ट्रक व बिखरे कट्टों को हटवाकर मार्ग सुचारू किया गया।


दौसा जेल के खुले शिविर से बंदी फरार



दौसा. जिला कारागृह के बंदी खुला शिविर से सोमवार रात एक बंदी फरार हो गया। घटना से जेल प्रशासन में हडक़म्प मच गया। जेल उपाधीक्षक ने इस संबंध में सदर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है।


पुलिस को रिपोर्ट देकर जेल उपाधीक्षक रोहित कौशिक ने बताया कि हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे बंदी शिवचरण बैरवा (26) निवासी बुजलिया ढाणी गीजगढ़ थाना सिकंदरा श्यालावास जेल से 22 अगस्त को स्थानान्तरित होकर दौसा जेल में आया तथा बंदी खुला शिविर दौसा पर अपनी शेष सजा भुगत रहा था। शिविर में शामिल पांचों बंदियों की सोमवार शाम नियमानुसार हाजिरी दर्ज कर अपने-अपने आवास गृहों में भेज दिए गए। कराई। मंगलवार सुबह की हाजिरी पर अन्य चार बंदी तो आ गए, लेकिन शिवचरण नहीं आया। इस पर जेल प्रशासन ने चारों से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। पूरे जेल परिसर में भी तलाश किया, लेकिन बंदी का पता नहीं लगा। बंदी का मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा था। ऐसे में बंदी के फरार होने की रिपोर्ट सदर पुलिस थाने में दर्ज कराई गई। सूचना मिलते ही पुलिस बंदी की तलाश में जुट गई।


जेल अधिकारियों के अनुसार बंदी खुला शिविर में रखे जाने वाले बंदी दिन में कानून के दायरे में जीविकोपार्जन के लिए रोजगार करने जाते हैं। सुबह व शाम को उनकी हाजिरी होती है तथा जेल परिसर में बने आवासगृहों में सोते हैं। बंदियों को यह सुविधा उनके अच्छे आचरण व रहन-सहन के तरीक को देखने के बाद मिलती है। इसका निर्धारण भी महानिदेशालय कारागार के स्तर पर होता है।

Published on:
17 Nov 2020 09:00 pm
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