
आवासीय योजना। फोटो: एआई
Pandit Deendayal Upadhyaya Residential Scheme: दौसा। अपना घर और अपने नाम का प्लॉट होने का सपना संजोए हजारों परिवारों की नजरें अब नगर विकास न्यास (यूआईटी) की पंडित दीनदयाल उपाध्याय आवासीय योजना की ई-लॉटरी पर टिकी हैं। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक लॉटरी की तिथि घोषित नहीं होने से आवेदकों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। यूआईटी की ओर से दौसा में शुरू की गई इस आवासीय योजना को आमजन का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
आवेदन की अंतिम तिथि 24 अप्रेल तक कुल 6270 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि योजना में विभिन्न श्रेणियों के लिए कुल 999 भूखंड निर्धारित किए गए हैं। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में लोग किफायती दर पर प्लॉट प्राप्त कर अपने आशियाने का सपना साकार करना चाहते हैं।
सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा ईडब्ल्यूएस श्रेणी में देखने को मिली, जहां 355 भूखंडों के लिए 3102 आवेदन आए। एलआईजी श्रेणी में 197 भूखंडों के लिए 1305 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं एमआईजी-ए में 7 भूखंडों के लिए 423 आवेदन, एमआईजी-बी में 260 भूखंडों के लिए 913 आवेदन तथा एचआईजी श्रेणी में 180 भूखंडों के लिए 527 आवेदन जमा हुए।
| क्र. सं. | आय वर्ग (Income Group) | आय सीमा (वार्षिक) | भूखंडों की संख्या |
|---|---|---|---|
| 1 | EWS | 3 लाख रुपए तक | 355 |
| 2 | LIG | 3 लाख से 6 लाख रुपए तक | 197 |
| 3 | MIG-A | 6 लाख से 12 लाख रुपए तक | 7 |
| 4 | MIG-B | 12 लाख से 18 लाख रुपए तक | 260 |
| 5 | HIG | 18 लाख रुपए से अधिक | 180 |
| कुल (Total) | — | — | 999 |
आवेदक कमलेश का कहना है कि आवेदन किए हुए तीन माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक लॉटरी नहीं निकली है। वहीं मुकेश ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग योजना का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में जल्द लॉटरी निकालकर आवंटन प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
महिला आवेदक सुमन व बेबी ने बताया कि योजना का स्थान काफी बेहतर है। यह दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे के नजदीक होने के साथ जिला मुख्यालय के भी करीब है। ऐसे में लोगों की रुचि स्वाभाविक रूप से बढ़ी है और अब सभी को लॉटरी की घोषणा का इंतजार है। दोनों ने करीब ढाई माह पहले आवेदन किया था।
आवेदन शुरू हुए : 6 फरवरी 2026
अंतिम तिथि : पहले 25 मार्च, बाद में बढ़ाकर 24 अप्रेल 2026
कुल आवेदन : 6270
कुल भूखंड : 999
योजना का क्षेत्रफल : 46.62 हेक्टेयर
दौसा यूआईटी की यह पहली आवासीय योजना है, जिसे आमजन को किफायती दरों पर भूखंड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पात्र आवेदकों को ई-लॉटरी के माध्यम से भूखंड आवंटित किए जाएंगे। योजना से न केवल हजारों परिवारों के अपने घर के सपने को नई उम्मीद मिली है, बल्कि क्षेत्र में शहरी विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलने की संभावना है। वहीं आरएएस अधिकारी मूलचंद लूणिया का कहना है कि तैयारी पूरी कर ली गई थी, अब मेरा तबादला हो गया।
Published on:
22 Jun 2026 09:56 am
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