Muft Bijli Yojana: बढ़ते बिजली संकट और महंगे बिलों से राहत पाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
दौसा/भंडाना। बढ़ते बिजली संकट और महंगे बिलों से राहत पाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। योजना के तहत अब मकानों की छतों पर सोलर प्लांट नजर आने लगे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत मिलने के साथ अतिरिक्त बिजली बेचकर आय का अवसर भी मिल रहा है।
यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है, जिसमें पूर्व के बिजली बिल के आधार पर विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सोलर प्लांट स्थापित कराया जा सकता है। क्षमता के अनुसार अनुदान के लिए अलग से आवेदन किया जाता है।
योजना के अंतर्गत 1 से 3 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट पर 40 से 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से 1 किलोवाट पर 30 हजार, 2 किलोवाट पर 60 हजार और 3 किलोवाट पर 78 हजार रुपए का अनुदान देय है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से 17 हजार रुपए का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जा रहा है।
उपभोक्ताओं को हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल रही है। इससे अधिक उत्पादन होने पर अतिरिक्त बिजली को 3.11 रुपए प्रति यूनिट की दर से ग्रिड में बेचकर आय अर्जित की जा सकती है, जिसका भुगतान या समायोजन वित्तीय वर्ष में किया जाता है।
विद्युत विभाग की कनिष्ठ अभियंता सीमा मीना ने बताया कि दौसा जिले में योजना की शुरुआत 13 फरवरी 2024 से हुई थी। 31 जनवरी 2026 तक जिले में 1275 सोलर कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 1176 उपभोक्ताओं को अनुदान मिल चुका है। दौसा जिले में दौसा ब्लॉक में सर्वाधिक 649, बांदीकुई में 207, महुवा में 159, लालसोट में 177 और सिकराय में 54 सोलर कनेक्शन जारी हुए हैं।
अधीक्षण अभियंता एन.एल. मीना ने बताया कि योजना को बढ़ावा देने के लिए शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हाल ही में जिला कलेक्टर द्वारा 100 उपभोक्ताओं को इंडक्शन सोलर पैनल भी निःशुल्क वितरित किए गए हैं।
योजना की शुरुआत: 13 फरवरी 2024
कुल जारी सोलर कनेक्शन: 1275
अनुदान प्राप्त उपभोक्ता: 1176
मासिक मुफ्त बिजली: 300 यूनिट तक
अतिरिक्त बिजली दर: 3.11 रुपए प्रति यूनिट
अनुदान सीमा: 40 से 60 प्रतिशत
केंद्र सरकार अनुदान: 30,000 से 78,000 रुपए
राज्य सरकार अतिरिक्त अनुदान: 17,000 रुपए