
बनास में निर्माणधीन ईसरदा बांध। फाइल फोटो: पत्रिका
दौसा। दौसा और सवाईमाधोपुर जिले के लोगों के लिए जीवनदायिनी ईसरदा बांध परियोजना का कार्य मार्च 2027 तक पूरा होगा। ऐसे में क्षेत्रवासियों को अभी करीब एक साल और इंतजार करना पड़ेगा। परियोजना का अब तक 75 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ तकनीकी अड़चनों के चलते काम निर्धारित समय पर पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
ईसरदा परियोजना छह पैकेज में संचालित है। अधिकांश पैकेजों में 70 से 85 फीसदी तक कार्य प्रगति पर है। योजना पूरी होने पर दौसा जिले के 1079 गांव और 5 कस्बों तथा सवाईमाधोपुर जिले के 177 गांव और एक कस्बे सहित कुल 1256 गांव व 6 कस्बों के 35.13 लाख लोगों को पेयजल सुविधा मिलेगी। इसके लिए 3 लाख 6 हजार 198 नल कनेक्शन प्रस्तावित हैं।
परियोजना के तहत 4058.12 करोड़ रुपए की प्रारंभिक स्वीकृति जारी हुई थी, जिसे संशोधन के बाद 30 मई 2023 को 3588.76 करोड़ रुपए कर दिया गया। सरकार विभिन्न पैकेजों के माध्यम से कार्य को तेज गति से पूरा कराने का प्रयास कर रही है, ताकि अगले साल गर्मियों में पानी उपलब्ध कराया जा सके।
ट्रांसमिशन पाइप लाइन परियोजना का सबसे अहम और चुनौतीपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। कुछ स्थानों पर फिजिकल गैप और तकनीकी समस्याओं के कारण काम अटका हुआ है। वहीं दौसा विधायक के सोशल मीडिया पर दिए गए बयान के बाद इस गर्मी से पहले पानी पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने बताया कि ट्रांसमिशन पाइप लाइन का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। लालसोट क्षेत्र में रेलवे लाइन के ऊपर से पाइप लाइन ले जानी है, जिस पर कार्य जारी है। महुवा तक इस वर्ष पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
परियोजना का नाम: ईसरदा बांध परियोजना
कुल लागत: 3588.76 करोड़ रुपए
कुल लाभार्थी: 35.13 लाख लोग
कुल गांव: 1256
कुल कस्बे: 6
नल कनेक्शन: 3,06,198
Updated on:
04 Feb 2026 03:23 pm
Published on:
04 Feb 2026 03:23 pm
