सरकारी अस्पताल में भले ही चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का दावा किया जाता है, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नजर नहीं आ रहा है।
दौसा। जिला अस्पताल में भले ही चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का दावा किया जाता है, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नजर नहीं आ रहा है। दौसा जिले के सरकारी अस्पताल में कुछ ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।
दरअसल, पीठ दर्द से पीड़ित मरीज मीरा गुर्जर निवासी भांडारेज रविवार सुबह इमरजेंसी यूनिट में भर्ती हुई। यूनिट में उसे आराम नहीं मिला तो इमरजेंसी के चिकित्सक ने मरीज को हड्डी विभाग में ले जाने के बाद कही।
मरीज को इमरजेंसी यूनिट से ट्रॉली नहीं मिली तो परिजनों को मजबूरी में बाइक पर बैठाकर हड्डी यूनिट में ले जाना पड़ा। मरीज के एक परिजन ने बाइक चलाई और एक अन्य महिला पीछे बैठ गई।
बीच में मरीज को बीच में बैठाया गया, जिसके हाथ में कैनुला लगा हुआ था। ड्रिप की बोतल मरीज की परिजन ने पकड़ रखी थी। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
इस मामले में पीएमओ डॉ. आरके मीना ने बताया कि मरीज को स्ट्रेचर क्यों नहीं मिला, इसकी जांच कराई जाएगी। इमरजेंसी यूनिट में गार्ड्स की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
यह भी पढ़ें
यह भी पढ़ें