दौसा

Dausa: लिफ्ट लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठा था परिवार, 800 मीटर दूर पलटी, मां-बेटे की मौत, पति गंभीर घायल

Dausa Road Accident: दौसा-करौली सीमा पर उकाली घाटी में लोहे के सरियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से मां-बेटे की मौत हो गई। हादसे में दो अन्य लोग गंभीर घायल हुए हैं, जिनमें एक को जयपुर रेफर किया गया है।
2 min read
Jun 26, 2026
Dausa Road Accident
प्रतीकात्मक तस्वीर

सिकंदरा। दौसा-करौली सीमा स्थित उकाली घाटी लांका में शुक्रवार दोपहर लोहे के सरियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ाई के दौरान अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में ट्रॉली के नीचे दबने से चिरावंडा निवासी उषा देवी (30) पत्नी सोनू महावर और उनके 9 वर्षीय बेटे सूरज की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में सोनू महावर (35) और रामेश्वर गुर्जर (65) गंभीर घायल हो गए। पुलिस के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली उकाली घाटी की चढ़ाई चढ़ रही थी, तभी संतुलन बिगड़ने से पलट गई।

यह वीडियो भी देखें

घायल सोनू महावर जयपुर रेफर

सूचना पर लांका चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। एएसआई छोटेलाल ने बताया कि यह परिवार करौली जिले के गढ़मोरा थाना अंतर्गत चिरावंडा गांव का रहने वाला था। गंभीर रूप से घायल सोनू महावर को प्राथमिक उपचार के बाद एसएमएस अस्पताल, जयपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि परिवार के लोगों ने ट्रैक्टर- ट्रॉली से लिफ्ट ली और तीनों सरिये से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठ गए। बैठने के करीब 800 मीटर दूर जाते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई।

पहले भी हुआ था हादसा

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही दौसा के रामगढ़ पचवारा उपखंड के हेमलयावाला गांव निवासी 32 वर्षीय बंशीलाल पुत्र गोरीलाल मीणा की मध्यप्रदेश के इंदौर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। उसकी मौत से पत्नी और चार मासूम बेटियों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार बंशीलाल परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। वे अपनी पिकअप गाड़ी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। रोज की तरह इस बार भी वे सवाई माधोपुर से सब्जियां लेकर इंदौर गए थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा।

इंदौर के पास उनकी पिकअप डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बंशीलाल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घर में चीख-पुकार मच गई और चारों बेटियां अपने पिता को तलाशती रहीं। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार पर अब आर्थिक संकट गहरा गया है। चार छोटी बच्चियों की परवरिश, शिक्षा और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की मांग की है, ताकि मासूम बेटियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

Published on:
26 Jun 2026 07:37 pm