
दौसा/सिकराय। राजस्थान में एलपीजी संकट के बीच भजनलाल सरकार लोगों को राहत देने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है। लेकिन, गैस एजेसियों की मनमानी के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेसियों की मनमानी के चलते शादी वाले घरों में भी सिलेंडर नहीं दिए जा रहे। ऐसी की शिकायत लेकर युवक गुरुवार को एसडीएम के पास पहुंचा।
दौसा जिले के सिकराय में शादी का कार्ड लेकर सतीश अपनी समस्या बताने के लिए एसडीएम के पास पहुंचा। सतीश ने एसडीएम को शादी का कार्ड दिखाते हुए कहा कि साहब! मेरी शादी है सिलेंडर दिला दो।
युवक ने बताया कि उन्नीस अप्रैल को उसकी बहन व 21 अप्रेल को उसकी खुद की शादी है। लेकिन एजेंसी वाले कार्ड दिखाने व अन्य दस्तावेज देने के बावजूद सिलेंडर नहीं दे रहे। इससे पूरा परिवार चिंतित है। इस पर एसडीएम नवनीत कुमार ने दूल्हे को आश्वस्त किया कि उसकी समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
सबसे खराब हाल दौसा शहर के है। यहां उपभोक्ताओं को बुक कराने पर मैसेज तो भेजे जा रहे है, लेकिन घर तक सिलेंडर नहीं भेज रहे। विभाग भी एजेंसी संचालकों पर कार्रवाई नहीं कर रहा। एजेसियों पर लम्बी कतारें लगी हुई है। जबकि अधिकारी दफ्तरों में बैठक कर बयान दे रहे है कि कोई किल्लत नहीं है। आमजन परेशान है। पिछले दिनों कलक्टर को ज्ञापन देने आई महिलाओं ने बताया था कि एक एजेंसी संचालक तो उपभोक्ताओं से गलत तरीके से व्यवहार कर रहा है।
बता दें कि एलपीजी संकट के बीच राजस्थान सरकार ने अप्रेल महीने में शादी वाले परिवारों में व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिलने की चिंता के समाधान के लिए मंगलवार को बड़ा कदम उठाया था। खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गैस कंपनियों को निर्देश दिए थे कि शहरी क्षेत्र में शादी वाले परिवार को 3 और ग्रामीण क्षेत्र में 19 किलो के 2 व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए जिला रसद अधिकारी को आवेदन के साथ शादी का कार्ड प्रस्तुत करना होगा। सरकार के आदेश के बाद भी गैस एजेसी संचालक मनमानी कर रहे है। जिसका नतीजा यह है कि लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।