Teacher Transfers : राज्य में जल्द ही 524 शिक्षकों के तबादले होने वाले हैं। इससे इन शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। शिक्षा महकमे ने तबादलों के आवेदनों की संस्तुति कार्मिक विभाग को सौंप दी है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने राज्य में अलग-अलग विभागों में अटैच शिक्षकों का संबंधिकरण भी खत्म करने के निर्देश जारी किए हैं।
Teacher Transfers : शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। उत्तराखंड के विभिन्न स्कूलों में तैनात 524 शिक्षकों के तबादले होने वाले हैं। शिक्षा विभाग ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित और विधवा, परित्यकता, सैनिक पति-पत्नी आदि विभिन्न श्रेणियों में आए 524 शिक्षकों के तबादले के आवेदनों को संस्तुति देते हुए कार्मिक विभाग को सौंप दिया है। सुगम और दुर्गम के आधार पर होने वाले सालाना अनिवार्य तबादलों पर फिलहाल रोक रहेगी। सुगम और दुर्गम का विषय हाईकोर्ट के विचाराधीन होने की वजह से सरकार ने शिक्षा विभाग को अनिवार्य तबादलों की फिलहाल अनुमति नहीं दी है। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन के मुताबिक सामान्य तबादलों से इतर विशेष प्रकार के मामलों पर तबादला ऐक्ट की धारा-27 के तहत गठित मुख्य सचिव समिति में निर्णय किया जाता है।
उत्तराखंड में अनुरोध के आधार पर तबादलों से शिक्षकों को काफी राहत मिलेगी। शिक्षकों को विशेष परिस्थितियों में तबादले का लाभ देने के लिए अनुरोध श्रेणी का प्रावधान है। सरकार ने शिक्षकों को राहत देने के लिए धारा-27 के तहत आवेदन मांगे थे। महानिदेशालय स्तर से इन आवेदनों में स्क्रीनिंग के बाद माध्यमिक स्तर के करीब पौने चार सौ (लगभग 375) और बेसिक स्तर के करीब पौने दो सौ (लगभग 175) शिक्षकों के आवेदन प्राप्त हुए थे। उन सभी तबादलों की सिफारिश के साथ कार्मिक विभाग को भेज दिया गया है। कार्मिक विभाग मुख्य सचिव समिति की बैठक में शिक्षा समेत विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को रखेगा। समिति के निर्णय के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड में दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत और मूल कार्यालय से इतर सुविधाजनक स्थानों पर अटैच शिक्षक-कर्मचारियों के अच्छे दिन खत्म होने वाले हैं। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों से ऐसे सभी कार्मिक और शिक्षकों का ब्योरा तलब किया है। मानकों के विपरीत दूसरे विभागों में कार्यरत शिक्षक-कार्मिकों को उनकी मूल तैनाती पर भेजा जाएगा। मंत्री ने सभी सीईओ को एक में रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा महानिदेशक को सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी की शिकायतें मिलती हैं। जानकारी में आया है कि विभाग के कई शिक्षक-कर्मचारी दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं।