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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे 14 अप्रैल से होगा शुरू, बंदर बनेंगे रफ्तार में रोड़ा! बड़ी वजह आई सामने

Delhi-Dehradun Expressway : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तराखंड-यूपी सहित तीन राज्यों के विकास को नए आयाम तक पहुंचाएगा। ये महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे आधे से कम समय में दिल्ली से देहरादून का सफर कराएगा। इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। वहीं दूसरी ओर बंदर इस परियोजना में चिंता का विषय बने हुए हैं।

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Delhi-Dehradun Expressway to be inaugurated by PM Narendra Modi on April 14

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उदघाटन 14 अप्रैल को होगा

Delhi-Dehradun Expressway : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जिंदगी को नई रफ्तार देगा। पीएम नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को इसे देश को समर्पित करेंगे। इसी को लेकर कल शाम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके। सीएम ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए। कहा कि, उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गढ़वाली, कुमाउंनी, जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखनी चाहिए। यह आयोजन केवल एक सरकारी लोकनृत्यों कार्यक्रम न होकर उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।

ठंडे बस्ते में मंकी लैडर योजना

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बने एशिया के सबसे लंबे वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के लोकार्पण और उसके बाद बंदरों पर नियंत्रण वन विभाग और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। बता दें कि ये कॉरिडोर राजाजी नेशनल पार्क  और शिवालिक जंगलों से होकर गुजर रहा है। इसके आसपास भारी संख्या में बंदर पाए जाते हैं। इस परियोजना के शुरुआत में बंदरों पर नियंत्रण के लिए मंकी लैडर योजना का प्रस्ताव तैयार था। बाद में तकनीकि कारणों के चलते मंकी लैडर योजना पर काम नहीं हो पाया। मंकी लैडर योजना बनी होती तो बंदरों की सुरक्षित आवाजाही होती और हादसों पर नियंत्रण लगता। अधिकारियों ने बंदरों पर नियंत्रण लगाने के लिए वन विभाग का पत्र भेजा है।  

व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के बारे में कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा। इससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।