Ankita Bhandari Murder Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड की आखिरकार प्रदेश सरकार ने कल सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी। सीबीआई जांच के साथ ही वीआईपी भी बेनकाब हो जाएगा। इसी के साथ ही वनंतरा रिजॉर्ट का असल रहस्य उजागर हो जाएगा।
Ankita Bhandari Murder Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अभिनेत्री उर्मिला सनावर के सोशल मीडिया पर 22 दिसंबर को किए गए पहले पोस्ट से देश-प्रदेश में हड़कंप मच गया था। उर्मिला ने सोशल मीडिया पर रिकॉर्डिंग वायरल कर अंकिता हत्याकांड में वीआईपी के शामिल होने का दावा किया तो लोग सड़कों पर उतर आए। राज्य भर में लोग अंकिता को इंसाफ दिलाने और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग पर आंदोलन करने लगे थे। एक पखवाड़े के भीतर ही इस आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया था। तमाम राजनैतिक और सामाजिक संगठन आंदोलन पर उतर आए थे। इससे प्रदेश में सियासी भूचाल खड़ा हो गया था। उसके बाद दो दिन पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की तो उन्होंने भी मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई थी। सीएम ने अंकिता के माता-पिता की मांग को देखते हुए कल इस प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी। सीबीआई जांच के साथ ही अब हत्याकांड में शामिल वीआईपी के भी बेनकाब होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इसके अलावा जिस वनंतरा रिजॉर्ट में अंकिता नौकरी करती थी उसके भी रहस्य उजागर होने की प्रबल संभावना लोग जता रहे हैं। बता दें कि पुलिस इस प्रकरण में वीआईपी के शामिल होने की बात को नकार चुकी है।
अंकिता भंडारी प्रकरण में बीते 22 दिसंबर को अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने जब पहली बार सोशल मीडिया में एक पोस्ट की तो पूरे राज्य में हंगामा मच गया था। तब उन्होंने सोशल मीडिया पर ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साझा की। इसके बाद पूरे राज्य में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग होने लगी। उर्मिला ने जो ऑडियो वायरल किए उसे लेकर खुद दावा किया कि यह बातचीत उनकी और भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के बीच हुई है। हालांकि सुरेश राठौर ने 23 दिसंबर को खुद सामने आकर इन्हें एआई निर्मित ऑडियो करार देकर खुद को अलग करने की कोशिश की। उर्मिला यहीं नहीं रुकी और वह लगातार ऐसे वीडियो जारी करती रही, जिसमें ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी शामिल थे, जिनमें अंकिता हत्याकांड को लेकर न सिर्फ बात की जा रही थी, बल्कि अंकिता भंडारी केस में लगातार उठ रहे वीआईपी के सवाल को फिर से सामने ला दिया।
22 दिसंबर 2025:उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर पहला सनसनीखेज वीडियो अपलोड किया। साथ में एक कॉल रिकॉर्ड डालकर दावा किया वह अंकिता हत्याकांड के 'वीआईपी' का नाम जानती हैं और उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं।
24-26 दिसंबर 2025:वायरल वीडियो पर पूर्व विधायक सुरेश राठौर और भाजपा के अन्य नेताओं ने उर्मिला के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून में केस दर्ज कराए। इन वीडियो और ऑडियो को फेक और एआई से बनाया बताया।
05 जनवरी 2026: उर्मिला ने एक और वीडियो जारी करते हुए कहा कि वह एसआईटी की मदद करने के लिए उत्तराखंड आ रही है।
06 जनवरी 206:स्वामी दर्शन भारती के संरक्षण में उर्मिला सनावर जांच के देहरादून पहुंची।
07 जनवरी 2026:को उर्मिला सनावर ने देहरादून में पुलिस के सामने बयान दर्ज कराए।
08 जनवरी 2026:हरिद्वार में उर्मिला सनावर से एसआईअी ने पूछताछ शुरू की, जो शुक्रवार को भी जारी रही।
09 जनवरी 2026:सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति की।