
Badrinath Temple Donation Controversy Update: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के चेयरमैन कार्यालय में तैनात निजी सहायक (PA) प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ बद्रीनाथ पुलिस स्टेशन में आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। उनके निर्देश के बाद शासन ने तीन सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच समिति (SIT) का गठन किया है।
FIR के मुताबिक, 2 जुलाई को मंदिर की दान-पेटी (थाली भेंट) में आए चढ़ावे की गिनती के दौरान सुबह 9 बजे से 9:30 बजे के बीच गिनती केंद्र से मंदिर की रकम गैर-कानूनी तरीके से निकाले जाने का मामला सामने आया। शुरुआती जांच में मिली जानकारी के आधार पर नौटियाल को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था। BKTC की शिकायत के अनुसार, नौटियाल ने निजी फायदे के लिए मंदिर का दान का पैसा गैर-कानूनी तरीके से लिया, जिसके बाद यह आपराधिक मामला दर्ज हुआ।
राम मंदिर दान विवाद के बाद से ही BKTC दान-चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सख्त है। BKTC के मुख्य कार्य अधिकारी सोहन सिंह रागड ने बताया कि प्रशासनिक पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए आरोपी कर्मचारी को पहले ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटा दिया गया था। आधिकारिक कर्तव्यों में गंभीर अनियमितताओं के चलते नौटियाल को 3 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और अब उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। समिति ने अपने स्तर पर भी एक 4 सदस्यीय आंतरिक जांच टीम बनाई थी।
पर्यटन सचिव धीरज सिंह गरब्याल के मुताबिक, राज्य सरकार ने इस हेराफेरी को बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक व्यापक जांच के लिए उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है। इस में गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप, NHM के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप तिवारी और मेडिकल एंड हेल्थ डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जनरल के ऑफिस में डायरेक्टर (फाइनेंस) जगत सिंह चौहान सदस्य हैं। इसकी अध्यक्षता गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप करेंगे।