
Badrinath Donation Theft: बदरीनाथ मंदिर (Badrinath Mandir) में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच के बीच बड़ी कार्रवाई हुई है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने आरोपी कर्मचारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाने के बाद अब पद से निलंबित कर दिया है। मुख्य कार्य अधिकारी सोहन सिंह रागड ने इसकी जानकारी दी।
BKTC ने ने प्रशासनिक पारदर्शिता और अनुशासन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंदिर समिति ने कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। समिति द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नौटियाल को 3 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रमोद नौटियाल पर आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा था। इस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए साथ ही 4 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था।
पर्यटन सचिव धीरज सिंह गरब्याल द्वारा जारी सूचना के अनुसार, श्री बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं और शिकायतों के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। पर्यटन सचिव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एक व्यापक जांच के लिए 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त करेंगे। जांचट टीम के सदस्यों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक कार्यालय के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान शामिल हैं। धीरज सिंह गरब्याल द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, 3 सदस्यीय समिति मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी।
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा गबन की जांच के लिए गठित टीम 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी। जांच के दौरान, आवश्यकता पड़ने पर यह समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या अन्य संबंधित व्यक्ति से सहायता और विशेषज्ञ सलाह ले सकती है। यह समिति कदम दान और भेंटों के प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए सुधारात्मक उपायों की भी सिफारिश करेगी। जिसका उद्देश्य इसे अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और कुशल बनाना है।