
उत्तराखंड गुरुद्वारा विवाद पर श्रद्धालुओं ने बयां किया दर्द | फोटो सोर्स- IANS
Nihang Group Uttarakhand:उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित नगरासू गुरुद्वारे में हथियारबंद निहंगों द्वारा एक श्रद्धालु को बंधक बनाए जाने के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। इस पूरे हिंसक घटनाक्रम के बीच वहां आने वाले श्रद्धालुओं का बड़ा बयान सामने आया है। गुरुद्वारे में हथियारबंद निहंगों द्वारा एक श्रद्धालु को बंधक बनाए जाने के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वहां मौजूद श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर समय रहते बातचीत की जाती और प्रशासन ढिलाई न बरतता, तो आज यह नौबत नहीं आती।
धार्मिक स्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि इस समय वहां आम लोगों का जाना भी मुश्किल हो गया है। एक श्रद्धालु ने कहा कि यहां का मेन गेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पंजाब से आए कुछ निहंग सिखों ने इस पवित्र जगह पर कब्जा कर लिया है और वे अब यहीं रह रहे हैं। कुछ दिनों पहले 3-4 निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच एक बहुत छोटा सा विवाद हुआ था, जिसे आसानी से सुलझाया जा सकता था। लेकिन अब उस मामूली बात ने इतना बड़ा रूप ले लिया है। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए था। लोग अब यहां आने में हिचकिचा रहे हैं और चारों तरफ सिर्फ डर का माहौल है।
एक अन्य श्रद्धालु ने पूरे मामले में प्रशासनिक ढिलाई और दोनों पक्षों के बीच बातचीत न होने को मुख्य वजह बताया। उसका कहना है कि जहां तक मेरी समझ है, यह पूरी घटना दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ और बातचीत की कमी के कारण हुई है। प्रशासन को शुरुआत में ही दोनों पक्षों की बात को ध्यान से सुनना चाहिए था और कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और अब यह एक बड़ा धार्मिक मुद्दा बन चुका है। इस वजह से कई लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। मेरा तो साफ मानना है कि इस पूरे मामले को बिगड़ने देने में प्रशासन की ओर से भी बड़ी चूक हुई है।
यह मामला चमोली में हुई एक पुरानी हिंसक झड़प से जुड़ा हुआ है, जिसमें पुलिस ने निहंग संप्रदाय के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। अपने साथियों की इसी गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए हथियारबंद निहंगों का एक समूह नगरासू गुरुद्वारे में घुस गया। उन्होंने न सिर्फ परिसर पर नियंत्रण कर लिया, बल्कि प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए एक मासूम श्रद्धालु को गुरुद्वारे की छत पर ले जाकर बंधक बना लिया। निहंगों की मांग है कि जब तक उनके चारों साथियों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
Updated on:
23 Jun 2026 07:24 pm
Published on:
23 Jun 2026 07:24 pm
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