
लखनऊ अग्निकांड में कोचिंग सेंटर पर चल सकता है बुलडोजर | फोटो सोर्स- patrika.com
Lucknow Fire Incident: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक कमर्शियल बिल्डिंग में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गहराई से जांच करने के लिए एक स्पेशल टीम (SIT) का गठन कर दिया गया है, जो कुछ ही देर में मौके पर पहुंचकर जांच शुरू करेगी। माना जा रहा है कि नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई इस बिल्डिंग पर जल्द ही प्रशासन का बुलडोजर एक्शन देखने को मिल सकता है।
लखनऊ हादसे की जांच के लिए बनी स्पेशल टीम (SIT) पूरी तरह एक्शन में आ गई है। टीम ने सबसे पहले इस बिल्डिंग से जुड़े सभी सरकारी कागजात और नक्शे अपने कब्जे में ले लिए हैं और उनकी बारीकी से जांच कर रही है। कुछ ही देर में SIT के अफसर सीधे उस जगह पहुंच रहे हैं जहां आग लगी थी, ताकि मौके पर जाकर पूरी सच्चाई का पता लगाया जा सके। सूत्रों का कहना है कि कागजों की जांच और मौके के मुआयने में अगर यह बिल्डिंग अवैध पाई जाती है या इसमें नियमों का उल्लंघन मिलता है, तो पूरी कानूनी कार्रवाई करने के बाद प्रशासन इस इमारत पर बुलडोजर चला सकता है।
इस हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। शुरुआती लापरवाही को देखते हुए सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अलीगंज थाने में कुल 6 नामजद आरोपियों और अन्य दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने नए कानून के तहत गंभीर धाराएं लगाई हैं, जिसमें गैर-इरादतन हत्या, गैर-इरादतन हत्या की कोशिश की और लापरवाही से दूसरों की जान जोखिम में डालने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
लखनऊ में हुए इस बड़े हादसे के बाद पड़ोसी शहर कानपुर में भी हड़कंप मच गया है। कानपुर विकास प्राधिकरण ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग सेंटरों और कमर्शियल बिल्डिंग्स पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में चेकिंग चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 16 संस्थानों को सील कर दिया है। इसमें जोन-1A में 3, जोन-2B में 5, जोन-3 में 3 और जोन-4 में 5 प्रतिष्ठानों पर ताला लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे 22 और संस्थानों की पहचान की गई है जो अवैध रूप से बेसमेंट चला रहे हैं, उन पर भी जल्द कार्रवाई होगी। आने वाले दिनों में यह सीलिंग अभियान और तेज होगा।
Updated on:
23 Jun 2026 01:34 pm
Published on:
23 Jun 2026 10:02 am
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