Fire Alert : मौसम बदलते ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। पिछले दो दिन के भीतर राज्य में वनाग्नि के 60 से अधिक अलर्ट जारी हो चुके हैं। इससे वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने सभी कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए हैं।
Fire Alert : गर्मी अब प्रचंड रूप दिखाएगी। इससे एक ओर जहां हीट वेव में बढ़ोत्तरी होगी वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के जंगलों में आग की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। पिछले दो दिन के भीतर राज्य में 60 से अधिक फायर अलर्ट जारी हो चुके हैं। हालात पर काबू पाने के लिए वन विभाग ने अपने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। गढ़वाल मंडल में चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। उससे पहले राज्य में बढ़ी जंगलों में आग की घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग के अनुसार, एक नवंबर 2025 से 16 अप्रैल 2026 तक जंगलों में आग की 160 घटनाएं हुई हैं। इनमें करीब सौ हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं। इसकी तुलना एक नवंबर 2024 से 16 अप्रैल 2025 की अवधि से करें तो यह आंकड़ा लगभग चार गुना है। तब जंगल में आग की केवल 40 घटनाएं दर्ज हुई थीं। इस बार वनाग्नि की सबसे अधिक घटनाएं चमोली जिले में दर्ज की गई हैं। यहां बदरीनाथ वन प्रभाग में 62, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग में 48 और नंदा देवी वन प्रभाग में दस घटनाएं दर्ज हुई हैं। इसके अलावा अलकनंदा मृदा संरक्षण वन प्रभाग में 11 घटनाएं हुईं।
केदारनाथ-बदरीनाथ डिवीजन वनाग्नि के नजरिए से सबसे काफी संवेदनशील माने जाते हैं। चारधाम रूट पर पड़ने वाले इन दो डिवीजनों समेत कुल आठ डिवीजनों में वनाग्नि को लेकर वन विभाग ने विशेष अलर्ट जारी किया है। इनमें संवेदनशील सात जगहों पर विभाग की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) तैनात रहेंगी।देहरादून, मसूरी, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बदरीनाथ और केदारनाथ वाइल्ड लाइफ डिवीजन। इधर, वनाग्नि सीसीएफ सुशांत पटनायक के मुताबिक चारधाम रूट के सभी डिवीजनों को अलर्ट कर दिया है। संवेदनशील जगहों पर विशेष टीमों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। कहीं वनाग्नि से पत्थर गिरने या आपदा जैसी स्थिति पैदा होती है तो पुलिस-प्रशासन से समन्वय बनाकर स्थिति से निपटा जाएगा। साथ ही मास्टर कंट्रोल रूमों से भी सभी रूटों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।