
Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया। टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी भर गया। इस घटना में कई मजदूर अंदर फंस गए। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच, पिपल्कोटी में पनबिजली परियोजना के लिए बन रही सुरंग में 1.8 किलोमीटर के निशान पर एक जगह से मलबा और पानी अचानक बाहर निकल आया। इस वजह से वहां काम कर रहे मजदूर फंस गए। अब तक करीब 18 लोग बाहर निकल पाए हैं, जबकि आशंका है कि बाकी लोग अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। SDRF और NDRF की टीमें अभी मौके पर काम कर रही हैं और TLDC व SCC की मशीनरी लगातार मलबा हटाने में जुटी है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने हादसे की पुष्टि की है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शाम करीब 7:05 बजे मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टनल में मलबा और पानी आने की सूचना मिली। टनल में उस समय 18 से 19 मजदूर काम कर रहे थे। निर्माण कार्य एचसीसी कंपनी द्वारा किया जा रहा था। यह टनल विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का हिस्सा है।
घटना की खबर मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। अब तक 13 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाकी मजदूरों को निकालने का काम जारी है। एनडीआरएफ, उत्तराखंड एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी, स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। जिला प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है और सभी जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल में मलबा और पानी आने की सूचना मिली है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तुरंत भेजा गया है। उन्होंने सभी एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता टनल में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है।
अभी बचाव कार्य जोरों पर चल रहा है। प्रशासन की पूरी कोशिश है कि बाकी मजदूरों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित निकाल लिया जाए।
घटनास्थल पर जिलाधिकारी गौरव कुमार की देखरेख में राहत एवं बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों और बचाव टीमों के साथ समीक्षा कर बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। मौके पर पुलिस, NDRF (27), SDRF (42), DRF (4) और फायर सर्विस (9) के जवान मुस्तैद हैं। इसके साथ ही मेडिकल टीम, जिला प्रशासन और HCC कंपनी के संसाधन बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना, ITBP, NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमों को गौचर तथा जोशीमठ से रवाना किया गया है।