
Kedarnath Yatra Update: उत्तराखंड में मानसून की चुनौतियों के बीच चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की संख्या नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। यात्रा शुरू होने के 114 दिनों में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में 47 लाख 2 हजार 703 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। पिछले साल इसी अवधि में 42 लाख 34 हजार 147 यात्रियों ने चारधाम के दर्शन किए थे। इस तरह इस वर्ष अब तक 4 लाख 68 हजार 556 अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
चारधाम यात्रा के आंकड़ों के अनुसार, अब तक सबसे अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं। बद्रीनाथ में 16 लाख 12 हजार 112, केदारनाथ में 14 लाख 50 हजार 116, गंगोत्री में 7 लाख 37 हजार 629 और यमुनोत्री धाम में 6 लाख 62 हजार 347 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा हेमकुंड साहिब में भी 2 लाख 40 हजार 499 श्रद्धालुओं ने मत्था टेका है।
इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। मानसून के दौरान कई बार मौसम खराब होने और मार्गों पर जोखिम बढ़ने के बावजूद यात्रा को परिस्थितियों के अनुसार संचालित किया जा रहा है। प्रशासन संवेदनशील स्थानों पर स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर यात्रा को नियंत्रित या अस्थायी रूप से रोका जा रहा है।
मौसम को लेकर प्रशासनिक अलर्ट के बीच सोमवार को भी चारों धामों में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। एक दिन में कुल 15 हजार 376 यात्रियों ने दर्शन किए। इनमें बद्रीनाथ धाम में सबसे ज्यादा 9559 श्रद्धालु पहुंचे। केदारनाथ में 4170, गंगोत्री में 1204 और यमुनोत्री में 443 यात्रियों ने दर्शन किए।
चारधाम यात्रा मार्गों पर मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी परिस्थितियां चुनौती बनी रहती हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जवानों की तैनाती की है। यात्रियों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर रोकने और ठहराने की व्यवस्था भी की गई है। चारों धामों और यात्रा पड़ावों पर यात्रियों के रहने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया गया है।
बद्रीनाथ धाम में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक रही है। 23 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद सोमवार 10 अगस्त तक 16 लाख 12 हजार 112 यात्री बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। पिछले साल यात्रा शुरू होने के बाद समान 110 दिनों की अवधि में 12 लाख 61 हजार 280 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे थे। इस हिसाब से इस वर्ष अब तक 3 लाख 50 हजार 192 अधिक यात्रियों ने दर्शन किए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसून के दौरान चारधाम यात्रा की लगातार निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री स्वयं राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आपदा प्रबंधन से जुड़े हालात पर नजर रख रहे हैं। जिलाधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य जल्द शुरू किया जा सके।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके अनुसार मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। भूस्खलन या किसी अन्य आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।