देहरादून

देहरादून में ‘लोक संवर्धन मेले’ का शुभारंभ, CM पुष्कर धामी बोले- भारत अपार विविधता से संपन्न असाधारण राष्ट्र

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने प्रदेश की राजधानी देहरादून में लोक संवर्धन मेले (Lok Samvardhan Mela) का उद्घाटन किया। इस मौके पर CM पुष्कर सिंह धामी के साथ केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू (Union Minority Affairs Minister Kiren Rijiju) मौजूद रहे।
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Jul 11, 2026
Chief Minister Pushkar Singh Dhami
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (फोटो- CM Dhami 'X')

Lok Samvardhan Mela: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के साथ देहरादून में लोक संवर्धन मेले का उद्घाटन किया। इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों ने पारंपरिक शिल्पकला और सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध विविधता का प्रदर्शन किया। लोक संवर्धन मेले (Lok Samvardhan Mela) में हस्तशिल्प, लोक कलाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक देखने को मिली।

महिलाओं एवं युवा कारीगरों को मिलेगा नया मंच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि लोक संवर्धन मेला उत्तराखंड की स्थानीय शिल्पकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यह मेला महिलाओं और युवा कारीगरों को अपनी पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने तथा संरक्षित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है। CM धामी ने कहा- भारत एक असाधारण राष्ट्र है, जो अपार विविधता से संपन्न है।

भारत की अनेक भाषाएं, विविध संस्कृतियां, समृद्ध परंपराएं और जीवंत लोक कलाएं हमारी साझा विरासत के अनमोल खजाने हैं। यह विविधता भारत की सबसे बड़ी शक्ति और हमारी राष्ट्रीय एकता की नींव है। हम हमेशा से ‘विविधता में एकता’ के सिद्धांत में विश्वास रखते आए हैं और यही भारत की अनूठी पहचान है।

'शिल्पकला को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान'

CM पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के साथ लोक संवर्धन मेले का उद्घाटन किया। इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से कारीगर एक साथ आए हैं। मेले में पारंपरिक शिल्पकला और सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध विविधता का प्रदर्शन किया है।

सीएम धामी ने कहा- लोक संवर्धन मेला उत्तराखंड की स्थानीय शिल्पकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा है। इसके साथ ही महिलाओं और युवा कारीगरों को अपनी पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मिल रहा है।

संस्कृति संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगे कहा कि लोक कलाएं और सांस्कृतिक परंपराएं मात्र मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि वे हमारी सभ्यता, सांस्कृतिक चेतना और जीवंत पहचान की अभिव्यक्ति हैं। लोक संवर्धन पर्व जैसे आयोजन समाज को समृद्ध बनाने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और इसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सीएम ने इन आयोजनों को परंपराओं की रक्षा और संवर्धन के प्रयासों में नई ऊर्जा का संचार करने वाला बताया। उन्होंने लोक संवर्धन पर्व को उन मेहनती कारीगरों, कुशल शिल्पकारों और समर्पित लोक कलाकारों को श्रद्धांजलि बताया।

'लोक संवर्धन पर्व कुशल शिल्पकारों को श्रद्धांजलि'

सीएम ने कहा- हमारी जीवंत लोक कलाएं साझा विरासत के अनमोल खजाने हैं। यह विविधता भारत की सबसे बड़ी शक्ति और हमारी राष्ट्रीय एकता की नींव है। इसलिए, लोक संवर्धन पर्व जैसे आयोजनों का आयोजन समाज को समृद्ध बनाने, हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और इसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ऐसी पहल हमारी परंपराओं की रक्षा और संवर्धन के प्रयासों में नई ऊर्जा का संचार करती हैं। लोक संवर्धन पर्व उन मेहनती कारीगरों, कुशल शिल्पकारों और समर्पित लोक कलाकारों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पीढ़ियों से हमारी कलाओं, शिल्पों और परंपराओं को संरक्षित और पोषित किया है। उनके अथक प्रयासों ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है और हमारी राष्ट्रीय पहचान को मजबूत किया है।

Updated on:
11 Jul 2026 06:38 pm
Published on:
11 Jul 2026 06:25 pm