
सांकेतिक फोटो-पत्रिका
Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में 9 से 11 जुलाई के बीच तेज बारिश का दौर रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बताया गया है। एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
Uttarakhand Rain Alert: उत्तराखंड में अगले तीन दिनों तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 9, 10 और 11 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बिना जरूरत यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। सबसे अधिक असर देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में रहने की संभावना है। इन जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए गुरुवार को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। देहरादून में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालय बंद रहेंगे। हरिद्वार प्रशासन ने भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छुट्टी का आदेश जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चंपावत में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी तेज बारिश होने की संभावना है।
10 जुलाई को भी कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। खासकर पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर में बहुत भारी बारिश हो सकती है। 11 जुलाई को बारिश की तीव्रता कुछ कम रहने की संभावना है। लेकिन कई पर्वतीय जिलों में भारी वर्षा का खतरा बना रहेगा।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और मलबा आने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा बरसाती नालों और छोटी नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से फ्लैश फ्लड की स्थिति भी बन सकती है। कई सड़कों के बंद होने, पुलों को नुकसान पहुंचने, निचले इलाकों में जलभराव तथा बिजली और पेयजल सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है। कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। यदि मौसम खराब हो तो यात्रा टालना बेहतर रहेगा। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, राहत और बचाव टीमों को तैयार रखने तथा जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के साथ सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। इस बारिश से जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में खतरे भी बढ़ गए हैं। इसलिए लोगों से मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
Updated on:
9 Jul 2026, 1:15 PM IST
Published on:
9 Jul 2026, 1:15 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.