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LUCC चिटफंड घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

सीबीआई ने उत्तराखंड के चर्चित एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में 18 आरोपियों और एक संस्था के खिलाफ देहरादून की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
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देहरादून

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Rahul Yadav

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Shaitan Prajapat

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Updated: 10 Jul 2026, 8:46 PM IST

CBI Investigation News

सीबीआई। (फाइल फोटो- ANI)

LUCC Chit Fund Scam: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने उत्तराखंड के चर्चित लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 आरोपियों और एक संस्था के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीबीआई ने यह चार्जशीट देहरादून स्थित बड्स (BUDS) अधिनियम की विशेष अदालत में दाखिल की है। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता, उत्तराखंड डिपॉजिटर्स हित संरक्षण अधिनियम और बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

जांच में खुलासा

जांच में सामने आया है कि प्रदेश के एक लाख से अधिक निवेशकों से करीब 800 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे, जिनके गबन और दुरुपयोग के आरोप हैं। आरोप है कि LUCC और उससे जुड़े पदाधिकारियों ने अनियमित जमा योजनाओं के माध्यम से लोगों से अवैध रूप से धन एकत्र किया।

18 आरोपियों व संस्था के खिलाफ चार्जशीट

सीबीआई ने यह चार्जशीट समीर अग्रवाल, शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत, सानिया अग्रवाल (समीर अग्रवाल की पत्नी), माया सिंह राजपूत (उत्तम कुमार सिंह राजपूत की पत्नी), जितेंद्र सिंह निरंजन, दिनेश सिंह, गिरीश चंद्र सिंह बिष्ट, उर्मिला बिष्ट (जगमोहन बिष्ट की पत्नी), जगमोहन बिष्ट, ममता भंडारी, तरुण कुमार मौर्य, गौरव उर्फ गौरव रोहिल्ला, सुशील गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन, पंकज कुशल सिंह जैन, राजेंद्र सिंह बिष्ट तथा लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) के खिलाफ दाखिल की है।

कई धाराओं में आरोप

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), उत्तराखंड जमाकर्ताओं के हित संरक्षण अधिनियम और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम (BUDS Act) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है।

जानें क्या है पूरा मामला

CBI के अनुसार, यह मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट के 17 सितंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में दर्ज किया गया था। CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB), देहरादून ने 26 नवंबर 2025 को विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया और राज्य पुलिस द्वारा पहले दर्ज 18 FIRों की जांच अपने हाथ में ले ली थी। जांच में पाया गया कि LUCC और इससे जुड़े पदाधिकारियों ने अनियमित जमा योजनाओं के जरिए लोगों से अवैध रूप से धन जमा किया। CBI ने इस घोटाले के दो मुख्य आरोपियों को 1 जून 2026 को मुंबई (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया था।