खुद को केबीसी कस्टमर मैनेजर राजेश शर्मा और जसपाल सिंह बताकर उड़ीसा के अफरोज अली व उसके साथियों ने पिथौरागढ़ जिले के राजेंद्र से 26 लाख रुपये की ठगी की। एक साल की कड़ी मशक्कत के बाद शातिर कैसे चढ़े पुलिस के हत्थे, पढ़ें पूरी खबर
ये घटना उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के ग्राम बनकोट गणाई गंगोलीहाट क्षेत्र की है। बनकोट निवासी राजेन्द्र सिंह कार्की के व्हाट्सएप पर पिछले साल 20 सितंबर को एक अज्ञात नम्बर से मैसेज आया था। मैसेज में 25 लाख रुपये लॉटरी के बारे में बताया था। मैसेज भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को केबीसी कस्टमर मैनेजर मुंबई निवासी राजेश शर्मा और जसपाल सिंह बताया था। उस व्यक्ति ने 15 दिन के भीतर लॉटरी के 25 लाख रुपये राजेंद्र के खाते में डालने का आश्वासन देते हुए उससे टैक्स के रूप में 12 हजार एक सौ रुपये जमा करने को कहा। इसी तरह ठगों ने राजेंद्र से खातों में अलग—अलग समय पर 26 लाख रुपये जमा करवा लिए थे।
उड़ीसा से ही दबोचे आरोपी
पुलिस ने हर एंगल से जांच, सीडीआर और बैंक डिटेल खंगालने के बाद उड़ीसा निवासी ठगी के आरोपियों की शिनाख्त की। पुलिस ने अफरोज अली को उसके घर से गिरफ्तार किया, जबकि उसकी पत्नी अजमेरी खानम को सीआरपीसी की धारा 41 क के तहत नोटिस जारी किया।
आरोपियों के कई बैंक खाते
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों के कई बैंक खाते संचालित हैं। एक खाता होल्ड होते ही वह लोग दूसरा बैंक खाता खोल देते हैं। झांसे में लेकर वह लोगों से बैंक खाते में पैसा मंगवाते हैं। खाते में धनराशि आते ही उसे दूसरे खाते में शिफ्ट कर देते हैं। कुछ पैसे एटीएम से भी निकाल लेते हैं।
एसपी ने जांच टीम कराई थी गठित
ठगी का एहसास होने पर राजेंद्र ने बेरीनाग थाने में तहरीर सौंपी थी। एसपी लोकेश्वर सिंह ने मामले के खुलासे के लिए टीम गठित कराई और घटना का खुलासा करते हुए उड़ीसा से दो आरोपियों को दबोचने में कामयाबी हासिल की।
केबीसी कॉटेस्ट के नाम पर लगाया चूना
साइबर ठगों ने खुद को कौन बनेगा करोड़पति कॉटेस्ट कस्टमर मैनेजर राजेश शर्मा और जसपाल सिंह बताते हुए राजेंद्र को 26 लाख रुपये का चूना लगाया। मामले की जांच में सामने आया कि ठगी के मास्टर माइंड अफरोज अली निवासी मिर्जा पटना गुआलसिंह केन्द्रपारा, ठाकुरपटना उड़ीसा हैं।
अफरोज के मौसी का लड़का फरार
जांच में सामने आया है कि अफरोज अली के मौसी का लड़का अल्ताफ अली वारसी भी इस घटना में शामिल है। पुलिस अल्ताफ की गिरफ्तारी के लिए भी फील्डिंग सजा रही है। पुलिस टीम में एसआई हरीश सिंह, साइबर सेल प्रभारी एसआई मनोज पांडे, एसआई पंकज तिवारी, एचसीपी हेम चंद्र, विजेंद्र बिष्ट, संजय चौहान शामिल रहे।