देहरादून

सियाचिन बॉर्डर पर तैनात सैनिकों की वर्दी में हैं यह खामियां, कोर्ट ने Modi के मंत्रालय से मांगा जवाब

Indian Army On Siachen Border: नैनीताल हाईकोर्ट ( Nainital High Court ) ने केंद्र सरकार ( Modi Government ) , रक्षा मंत्रालय ( Defence Ministry Of India ) और सबंधित विभागों से इस मामले में ( Indian Army Soldiers Life On Siachen Border ) जवाब तलब करते हुए कहा है कि...

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सियाचिन बॉर्डर पर तैनात सैनिकों की वर्दी में हैं यह खामियां, कोर्ट ने Modi के मंत्रालय से मांगा जवाब

(देहरादून,हर्षित सिंह): सियाचिन बॉर्डर ( Siachen Border ) पर तैनात भारतीय फौजियों के लिए उच्च तकनीक से वर्दी नहीं बनाने का मामला नैनीताल हाईकोर्ट ( Nainital High Court ) पहुंच गया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार ( Modi Government ) , रक्षा मंत्रालय समेत संबंधित विभागों से चार हफ्ते के भीतर जवाब तलब किया हैं।

इस वजह से सैनिकों के लिए हानिकारक है वर्दी

जानकारी के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश रंगनाथन व न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। इस बारे में हरिद्वार निवासी राजेंद्र मोहन डबराल ने जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका में आरोप है कि सियाचिन में तैनात भारतीय फौजियों को वर्ष 2010 से बनाई गई वर्दियां दी जा रही हैं। इसमें कई दिक्कतें हैं। इसके कारण वर्दी के अंदर भाप बनने से भारतीय जवानों के शरीर ठंडे हो जाते हैं।

मंत्रालय ने नहीं निभाया वादा


मंत्रालय ने वर्ष 2017 की तकनीक उपलब्ध करवाने का विश्वास दिलाया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। याचिका के माध्यम से याची ने अमेरिका व नाटो की सेना के तर्ज पर भारतीय जवानों को स्नो सूट उपलब्ध करवाने की मांग की है। जिससे हमारे जवान भी सुरक्षित रह सकें।उल्लेखनीय है कि सियाचीन बार्डर पर –30 डिग्री पर भी भारतीय जवान देश की सुरक्षा के लिए चौकस रहते हैं।

Published on:
20 Aug 2019 09:20 pm
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