LPG Crisis: शादी-विवाह समारोह में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। खाद्य पूर्ति विभाग जल्द ही ऐसे परिवारों को शादी के कार्ड दिखाकर गैस कनेक्शन देने की योजना पर काम कर रहा है।
LPG Crisis: ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के कारण देश में रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल का संकट गहराने लगा है। रसोई सिलेंडर पाने के लिए गैस डिलीवरी करने वाले वाहनों के सामने लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में रसोई सिलेंडर पाने के लिए लोग सभी कामकाज छोड़कर तड़के से ही लाइनों में लग रहे हैं। मध्य-पूर्व की जंग का सीधा असर अब लोगों की रसोई पर गहराने लगा है। गैस सिलेंडर नहीं मिल पाने के कारण कई रेस्टोरेंट और ढाबे बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं दूसरी ओर शादी के सीजन पर भी एलपीजी का साफ असर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए पूर्ति विभाग दो-तीन दिन के भीतर शादी-ब्याह वाले परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रसोई गैस देने जा रहा है। नैनीताल के जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन के मुताबिक जिन परिवारों में विवाह समारोह है, उन्हें अपने क्षेत्र के पूर्ति कार्यालय में शादी का निमंत्रण पत्र जमा करना होगा। उसके साथ एक प्रार्थना पत्र देना होगा, जिसके आधार पर तुरंत अस्थाई कनेक्शन मंजूर होगा।
शादी-विवाह समारोह के लिए अस्थाई गैस कनेक्शन लेने वालों को सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। ताकि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जा सके। शादी संपन्न होने के बाद खाली सिलेंडर जमा करते ही संबंधित लोगों को सिक्योरिटी मनी वापस मिल जाएगी। इस व्यवस्था से शादी वाले घरों में अव्यवस्था नहीं हो सकेगी। साथ ही लोगों को अपने बच्चों की शादी धूमधाम से करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
एलपीजी संकट के कारण शादी-विवाह आदि समारोह काफी प्रभावित हो रहे हैं। इसी को देखते हुए कल अल्मोड़ा के केटरिंग व्यवसायियों ने डीएम अंशुल सिंह से मुलाकात की। उन्होंने एक शादी और अन्य समारोहों के लिए उन्होंने आठ से दस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर डीएम ने दो सिलेंडर ही दिए जाने पर समर्थता जताई। इससे नाराज केटिरिंग संचालकों ने बुकिंग का एडवांस वापस करने का ऐलान कर दिया। केटरिंग व्यवसायियों को पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने डीएम से गैस की नियमित व पर्याप्त आपूर्ति सुचारू करने, केटरिंग व्यवसायियों को प्राथमिकता देने की मांग की। व्यवसायियों ने बताया कि डीएम की ओर से एक समारोह के लिए दो सिलेंडर देने का आश्वासन दिया गया है।
कॉमर्शियल सिलेंडर के साथ होटल ढाबों में खाना भी महंगा हो गया है। ठेला व्यवसायियों के मुताबिक 50 रुपये वाली थाली अब 70 रुपये की कर दी है। भोजनालय के नीरज भट्ट ने बताया कि 80 रुपये वाली थाली 100 रुपये की की है। इधर, गैस सिलेंडर की किल्लत के बाद जलौनी लकड़ी के कारोबार में इजाफा हुआ है। नयागांव स्थित जलौनी लकड़ी टॉल संचालक सौरव गुप्ता ने बताया कि पहले फैक्ट्री के बॉयलरों में जलौनी लकड़ी जाती थी। अब होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालक भी लकड़ी खरीदकर ले जा रहे हैं।