उत्तराखंड के प्रसिद्ध नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के ट्रैकिंग रूटों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब यहां आने वाले पर्यटक, घर बैठे ट्रैकिंग रूटों के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के ट्रैकिंग रूटों पर अब पर्यटकों और ट्रैकरों को विभागीय कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पार्क प्रशासन ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल तैयार कर रहा है, जिसके माध्यम से 15 मई 2026 से पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने से पर्यटकों व ट्रैकिंग प्रेमियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अभी तक अनुमति लेने के लिए लोगों को विभागीय कार्यालय में आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकेगा। विभाग का कहना है कि इससे प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में कई छोटे-बड़े ट्रैकिंग रूट हैं। इनमें कुछ रूट केवल गर्मियों में खुले रहते हैं, जबकि कुछ सर्दियों में भी संचालित होते हैं। इन सभी रूटों पर जाने के लिए विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। पिछले वर्ष फूलों की घाटी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया गया था, जिसकी सफलता के बाद इस साल पूरे पार्क के सभी ट्रैकिंग रूटों को ऑनलाइन व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है। इस सुविधा का लाभ टूर ऑपरेटरों को भी मिलेगा।
नंदा देवी पार्क के प्रमुख ट्रैकिंग रूटों में क्वांरी पास ट्रैक, द्रोणागिरी ट्रैक, नंदा देवी बेस कैंप, सतोपंत ट्रैक, कागभूसुंडि ट्रैक, फूलों की घाटी और चेनाप घाटी शामिल हैं। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के DFO अभिमन्यु ने बताया- कोटपार्क प्रशासन की ओर से ऑनलाइन वेबसाइट तैयार की जा रही है। 15 मई से यह पोर्टल शुरू हो जाएगा, जिसके माध्यम से सभी ट्रैकर और पर्यटक आसानी से पंजीकरण करवा सकेंगे।
अभिमन्यु ने कहा कि ट्रैकिंग के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। फूलों की घाटी जाने वाले मार्ग पर वैली गेट के पास एक व्यू पॉइंट तैयार किया जा रहा है, जहां से पर्यटक क्षेत्र का खूबसूरत नजारा देख सकेंगे।
इसके अलावा फूलों की घाटी वाले मार्ग के सुधार का काम 15 मई से शुरू किया जाएगा। यह पहल नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क और फूलों की घाटी को और अधिक पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पर्यटकों को अब बेहतर सुविधा, सुरक्षा और सुगमता मिलने की उम्मीद है।