देहरादून

12,000 करोड़ के कॉरिडोर से बदलेगी यात्रा, दिल्ली से देहरादून का सफर होगा रिकॉर्ड टाइम में

PM Modi Uttarakhand Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड पहुंचने पर देहरादून स्थित जई मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। वे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करने के लिए यहां पहुंचे।
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Updated: 14 Apr 2026, 3:03 PM IST
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PM Modi Uttarakhand Visit: प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने स्वागत किया, जिन्होंने दुर्गा देवी स्तोत्रम का पाठ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में मौजूद अन्य श्रद्धालुओं से भी बातचीत की। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के एलिवेटेड सेक्शन पर वन्यजीव कॉरिडोर का निरीक्षण किया।

इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।

वन्यजीव कॉरिडोर के निर्माण प्रक्रिया की प्रदर्शनी देखी

वन्यजीव कॉरिडोर के निर्माण प्रक्रिया को दर्शाने वाली एक प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई और अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को परियोजना की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने वन्यजीव कॉरिडोर के साथ एक रोड शो भी किया। बड़ी संख्या में लोग सड़क के किनारे इकट्ठा हुए और प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित दिखे जबकि प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।

लोगों ने तिरंगा हाथ में लेकर “मोदी, मोदी”, “भारत माता की जय” और “जय श्री राम” जैसे नारे लगाए और उन पर फूलों की वर्षा की।

कई लोगों ने पारंपरिक परिधान पहनकर लोक नृत्य भी प्रस्तुत किए। इसके बाद प्रधानमंत्री देहरादून में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।

दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा का समय कम हुआ

213 किमी लंबा छह-लेन, एक्सेस-नियंत्रित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर लगभग 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। यह कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड से होकर गुजरता है और दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा समय को वर्तमान में छह घंटे से घटाकर लगभग ढाई घंटे कर देगा।

इस परियोजना में 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवर ब्रिज, चार बड़े पुल और 12 वे-साइड सुविधाएं शामिल हैं, जिससे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।कॉरिडोर में एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) भी लगाया गया है, जो यात्रियों को अधिक सुरक्षित और कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

पर्यावरणीय संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए इस कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को काफी हद तक कम किया जा सके।

वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए इस परियोजना में कई विशेष प्रावधान किए गए हैं। इनमें 12 किमी लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है। इसके अलावा, इसमें आठ एनिमल पास, 200-200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है।

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा, क्योंकि यह प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएगा और व्यापार व विकास के नए अवसर खोलेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें उच्च गति कनेक्टिविटी, पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार को एक साथ जोड़ा गया है।

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14 Apr 2026, 3:03 PM IST
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