देहरादून

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : वनभूलपुरा से हटेगा अतिक्रमण, हटाए जाएंगे 50 हजार लोग, भारी पुलिस तैनात

Big Decision Of Supreme Court : वनभूलपुरा की रेलवे भूमि पर काबिज करीब 50 हजार लोग जल्द ही हटाए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आज इस पर अहम फैसला सुनाया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपील करने वाले लोगों को यह अधिकार नहीं है कि वह उसी जगह पर रहने की व्यवस्था की मांग करें। इस पर अगली विस्तृत सुनवाई अब 19 मार्च को होगी। तब तक अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा।

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Feb 24, 2026
हल्द्वानी में आज भारी पुलिस फोर्स तैनात है

Big Decision Of Supreme Court : वनभूलपुरा में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण के संबंध में आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाया है। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित वनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की करीब 29 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण कर बस्तियां बसा दी गई हैं। इनमें अधिकांश मुस्लिम परिवार हैं। यहां रेलवे की भूमि पर करीब 4365 भवन बन चुके हैं। इनमें पांच हजार परिवारों के करीब 50 हजार लोग रह रहे हैं। कुछ साल पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट भी इस भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी कर चुकी है। तब से ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। कई बार इस मामले में फैसला टल चुका था। लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दे दिया है। चीफ जस्टिस ने कहा कि अपील करने वाले सार्वजनिक भूमि पर ऐसे दावा कर रहे हैं, जैसे मालिकाना हक हो, जबकि अनाधिकृत तरीक़े से रह रहे हैं। वारिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि कोविड के आसपास एक पक्षीय आदेश जारी हुए थे। इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपील करने वालों को इस बात का कोई हक नहीं है कि वह इस जगह पर रहने का दावा करें। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि ये जमीन राज्य की है और उसे अधिकार है कि वो अपनी जमीन का उपयोग कैसे करे। कहा कि परिवारों की पहचान की जाए जो इससे प्रभावित होंगे। बलभूलपुरा में पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे। प्रभावितों को छह माह तक दो-दो हजार रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी।

19 मार्च के बाद होगा सर्वे

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक वनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न की जाए। कहा  कि 19 मार्च के बाद सर्वे शुरू किया जाए।  सर्वे में देखा जाए कि करीब 4500 से अधिक घरों में से किसके पास पीएम आवास योजना के तहत घर पाने की योग्यता है या नहीं।  55 मिनट तक चली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए हर पहलू पर गौर किया।सीजेआई ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट के लिए दोनों तरफ जगह खाली होने की जरूरत होती है। लिहाजा उन्हें वहां रहने के लिए क्यों कहा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि वहां रह रहे लोग ये तय नहीं कर सकते हैं कि रेलवे लाइन आदि कहां बिछानी चाहिए। इस मामले की अगली और अंतिम सुनवाई 19 मार्च को तय की गई है। 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट डिटेल में अपना फैसला सुना सकती है।

हल्द्वानी में भारी पुलिस बल तैनात

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हल्द्वानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में आज पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में फ्लैग मार्च निकाल कर एरिया डोमिनेशन की कार्यवाही की। एसएसपी ने कहा कि इलाके का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने सभी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन एएसपी, दो सीओ, 11 इंसपेक्टर, 55 हेड कांस्टेबल, एक कंपनी आईआरबी, करीब दो प्लाटून पीएसी, फायर टेंडर, बम निरोधक दस्ता इलाके में तैनात कर दिया गया है।

दो साल पहले हो चुका है दंगा

हल्द्वानी का वनभूलपुरा इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है। आठ फरवरी 2024 को वनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने के दौरान दंगा भड़क गया था। दंगाइयों ने पुलिस थाने को फूंक डाला था। दो सौ से अधिक लोग उस दंगे में घायल हुए थे। दंगे में कई लोगों की मौत भी हुई थी। तब दंगे के कारण इस इलाके में कई दिन तक कर्फ्यू रहा था। हालांकि बाद में पुलिस ने मास्टर माइंड अब्दुल मलिक सहित दर्जनों दंगाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मास्टर माइंड अब भी जेल में है। इसी को देखते हुए अब अतिक्रमण पर फैसला आने के बाद हल्द्वानी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर हैं।

Updated on:
24 Feb 2026 06:36 pm
Published on:
24 Feb 2026 06:23 pm
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